{"_id":"67276eebc729d125c304f6a7","slug":"indore-roads-in-indore-are-fine-even-the-bridges-have-potholes-sunken-parts-not-repaired-2024-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore: इंदौर में सड़कें तो ठीक तीन इमली ओवर ब्रिज पर भी हो गए गड्ढे, पेचवर्क के बाद भी बदहाली कायम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore: इंदौर में सड़कें तो ठीक तीन इमली ओवर ब्रिज पर भी हो गए गड्ढे, पेचवर्क के बाद भी बदहाली कायम
Sun, 03 Nov 2024 06:09 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Sun, 03 Nov 2024 06:09 PM IST
सार
ब्रिज के फुटपाथ का एक हिस्सा धंस चुका है और रैलिंग भी कमजोर हो गया, लेकिन उसे भी सुधारा नहीं गया। उस हिस्से को बेरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया, लेकिन रखरखाव के अभाव में कभी भी ब्रिज पर बड़ा हादसा हो सकता है।
विज्ञापन
तीन इमली ब्रिज पर आधा फीट के गड्ढे
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मानसून सीजन समाप्त होने के बाद इंदौर नगर निगम ने दावा किया था कि इंदौर की सड़कों के गड्ढे तेजी से भरे जाएंगे। कुछ मार्गों पर पेचवर्क का काम भी हुआ, लेकिन अभी भी वाहन चालक गड्ढों के कारण परेशान हो रहे हैं। खासकर रिंग रोड की सर्विस रोड के कई हिस्से खराब हो चुके हैं। रिंग रोड पर बने तीन इमली ब्रिज पर आधा फीट के गड्ढे हो चुके हैं, लेकिन पेचवर्क न नगर निगम कर रहा है और न लोक निर्माण विभाग।
विज्ञापन
तीन इमली ब्रिज का निर्माण पांच साल पहले लोक निर्माण विभाग ने किया था। विभाग के अफसरों का कहना है कि ब्रिज नगर निगम को सौंप दिया गया है। अब रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है। इस ब्रिज से रोजाना हजारों वाहन निकलते हैं। मध्य हिस्से में हुए गड्ढों से दो पहिया वाहन चालक संभल कर निकलते हैं, क्योंकि पहिए के गड्ढे में जाने से असंतुलित होकर दोपहिया वाहन के गिरने का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
इस ब्रिज के फुटपाथ का एक हिस्सा धंस चुका है और रैलिंग भी कमजोर हो गया, लेकिन उसे भी सुधारा नहीं गया। उस हिस्से को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया, लेकिन रखरखाव के अभाव में कभी भी ब्रिज पर बड़ा हादसा हो सकता है। तीन इमली ब्रिज का एक हिस्सा निर्माण के समय भी धंस गया था। तब लोक निर्माण विभाग की ब्रिज सेल के कार्यपालन यंत्री को निलंबित भी किया गया था।
विज्ञापन
महापौर परिषद सदस्य भी उठा चुके हैं गड्ढों का मुद्दा
महापौर परिषद बैठक में पिछले दिनों महापौर परिषद सदस्य जीतू यादव भी सड़कों पर गड्ढे होने और उनकी मरम्मत नहीं होने का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट के कारण जगह-जगह गड्ढे किए जा रहे हैं और उसकी कई दिनों तक मरम्मत नहीं की जाती है। इससे नगर निगम की छवि खराब हो रही है। बैठक में मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने गड्ढों के पेचवर्क के लिए अलग से एक सेल बनाने की बात भी कही थी, लेकिन अब तक सेल नहीं बन पाई है।
