फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News: Despite being suspended, Bhadoria was associated with the liquor syndicate of Alirajpur and Jhabu

Indore News: निलंबित होने के बावजूद आलीराजपुर, झाबुआ के शराब सिंडिकेट से जुड़ा था भदौरिया

Tue, 28 Oct 2025 02:04 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Tue, 28 Oct 2025 02:04 PM IST
सार

भदौरिया के बेटे और बेटी के कारोबार में भी काली कमाई के निवेश के लिंक अफसरों को मिले है। भदौरिया का बेटा सूर्यांश रेस्तराँ, फ़िल्म निर्माण व अन्य कंपनियों में काली कमाई लगाता था। सूर्यांश के लॉकर में भी सोने के आभूषण व नकद मिले।

विज्ञापन
Indore News: Despite being suspended, Bhadoria was associated with the liquor syndicate of Alirajpur and Jhabu
धर्मेंद्र भदौरिया ने आदिवासी इलाकों में ज्यादातर समय नौकरी की - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सेवानिवृत आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया के यहां 28 करोड़ से ज्यादा की काली कमाई लोकायुक्त छापे में उजागर हुई है। यह छापा लोकायुक्त ने लगातार आ रही शिकायतों के कारण मारा था। दरअसल भदौरियां शराब नीलामी में देरी के मामले में निलंबित हुआ था, लेकिन नौकरी में न रहते हुए भी वह आलीराजपुर, झाबुआ के शराब सिंडिकेट से जुड़ा था और कमाई भी कर रहा था। उसका यह रवैया विभाग के ही दूसरे अफसरों को नागवार था और फिर शिकायतों का दौर शुरू हो गया था। वो अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करके शराब तस्करी में महत्वपूर्ण किरदार निभा रहा था। उसे जंगल के रास्ते शराब गुजरात भेजने के सभी रास्तों की जानकारी थी। जैसे मुंबई और गुजरात के बीच शराब तस्करी के रास्तों की जानकारी शराब माफिया अब्दुल लतीफ को थी। बाद में  तथाकथित रूप से लतीफ पर शाहरूख खान की फिल्म 'रईस' बनी थी।  

विज्ञापन



काली कमाई पीले सोने में लगाई

आबकारी विभाग से सेवानिवृत अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया सोना प्रेमी निकाला। उसने अपनी काली कमाई प्रापर्टी, एशो आराम में तो खर्च की। मोटी रकम सोने में भी लगाई। उसके फ्लैट पर लोकायुक्त छापे में अब दो करोड़ का सोना मिला था। भदौरिया के परिवार के लाॅकरों ने भी खूब सोना उगला। उसकी बेटी और बहू के खाते से चार करोड़ का सोना मिला है। सोना रखने के लिए उसने बड़े लाॅकर ले रखे थे। पांच किलो से ज्यादा सोना भदौरिया व उसके परिवार के पास से मिल चुका है।

विज्ञापन

 

सोने को लोकायुक्त छापे से बचाने के लिए भदौरिया लाॅकरों को खोलने में आनकानी कर रहा था। अफसर घर पर जा रहे थे तो वह दरवाजा ही नहीं खोलता था। अफसरों को उसके घर नोटिस चस्पा करना पड़ा। तीन नोटिस देने के बाद लाॅकर खोला गया। भदौरिया की बेटी अपूर्वा के लाॅकर को खोला। उसमें कई सोने के आभूषण मिले। इतनी काली कमाई का आंकड़ा इस साल मारे गए लोकायुक्त छापों में किसी अधिकारी के यहां नहीं मिला है, जितना भदौरिया के यहां मिला। पूरे सेवा काल में भदौरिया की कमाई दो करोड़ रुपये थी, लेकिन उसके पास से 27 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अब तक मिल चुकी है। यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Indore News: Despite being suspended, Bhadoria was associated with the liquor syndicate of Alirajpur and Jhabu
धर्मेंद्र भदौरिया ने आदिवासी इलाकों में ज्यादातर समय नौकरी की - फोटो : अमर उजाला

अवैध शराब के नेटवर्क की अहम कड़ी था भदौरिया

भदौरिया की नौकरी ज्यादातर आदिवासीबहुल्य जिले धार, झाबुआ, आलीराजपुर में रही। यहां से गुजरात की बार्डर करीब है। गुजरात में शराबबंदी है। मध्य प्रदेश से ही सबसे ज्यादा अवैध शराब गुजरात जाती है। इस सिंडिकेट में एक किरदार भदौरिया भी रहा है। इसके अलावा टैंडरों को मनचाहे ठेकेदारों को दिलवाने में भी उसकी भूमिका रहती थी। इस कारण पांच साल पहले वह निलंबित हो चुका था और सेवानिवृति तक बहाल नहीं हो पाया।

आलीराजपुर से जंगल के कई रास्ते हैं, जो गुजरात तक जाते हैं। इन रास्तों से ही अवैध शराब गुजरात तक पहुँचाई जाती है। आला अफ़सरों के साथ भी भदौरिया ने पैसे के दम पर इतनी जमावट कर ली थी कि उनका तबादला भी धार-झाबुआ और आस-पास के ज़िलों में ही होता था। वे अपनी मनचाही पोस्टिंग कराते थे।

Indore News: Despite being suspended, Bhadoria was associated with the liquor syndicate of Alirajpur and Jhabu
लोकायुक्त छापा। - फोटो : अमर उजाला

बेटे व बेटी ने कारोबार में भी निवेश

भदौरिया के बेटे और बेटी के कारोबार में भी काली कमाई के निवेश के लिंक अफसरों को मिले है। भदौरिया का बेटा सूर्यांश रेस्तराँ, फ़िल्म निर्माण व अन्य कंपनियों में काली कमाई लगाता था। सूर्यांश के लॉकर में भी सोने के आभूषण व नकद मिले। उसने दो रेस्त्रां में भी 25 लाख का निवेश किया था और उसमें उसकी 40 प्रतिशत की साझेदारी थी।

 

अब तक क्या क्या मिला भदौरिया के पास

-परिवार के खातों में कुल 1 करोड़ 26 लाख रुपये जमा हैं। 20 से ज़्यादा बीमा और अन्य पॉलिसियाँ भी जाँच में मिलीं। भदौरिया के ग्वालियर स्थित आवास पर 22 लाख रुपये कीमत का सामान मिला।

- सात किलो चांदी भी बरामद हुई। लाॅकरों में सोने के अलावा हीरे के आभूषण भी मिले है। महंगी घडि़यां, हथियार भी मिले।

- बेटे और बेटी ने एक फर्म में निवेश भी किया था। इसके अलावा किसी जितेंद्र चौधरी को 3 करोड़ रुपये देने का अनुबंध भी मिला है।

-इंदौर में तीन फ्लैट मिले। जिसनी कीमत एक करोड़ से ज्यादा है। दो दफ्तर भी मिले है।

-बायपास की टाउनशिप में तीन करोड़ का प्लाॅट है। जिसका निर्माण जारी है।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed