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Indore: देश का पहला लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं शाजापुर के पुष्करलाल मेहता, बेटे ने बताई कहानी
Thu, 14 Mar 2024 07:53 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Thu, 14 Mar 2024 07:53 PM IST
सार
आजकल नेतागणों की राजनीतिक दलों की अदला बदली के बारे में आर्य कहते हैं कि अब राजनीति में सिद्धांत शायद मायने नहीं रखते। हम विचारधारा के हिसाब से पार्टी को चुनते हैं, पार्टी बदलने के साथ दलबदलू अपनी विचारधारा कैसे छोड़ सकते हैं।
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ओमप्रकाश आर्य
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मालवा-निमाड़ की धरती से कई राजनेता निकले और देश की राजनीति में चमके। आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी ने ही देश पर कई सालों तक राज किया, लेकिन जो दूसरे दल के उम्मीदवार थे, वे भी सिद्धांतों के साथ अपने दल में बने रहे, कभी पार्टी नहीं छोड़ी।
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जनता दल से जुड़े 90 वर्षीय नेता ओमप्रकाश आर्य 1980 में शाजापुर से चुनाव लड़े, हालांकि वे जीत नहीं पाए। अब वे शाजापुर के खेत के पास अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। ओमप्रकाश आर्य के पिता पुष्करलाल मेहता भी वर्ष 1951-52 का पहला लोकसभा चुनाव कांग्रेस के लीलाधर जोशी के सामने लड़े। वे निर्दलीय खड़े हुए थे और धनुष बाण चुनाव चिन्ह था। वे भी चुनाव जीत नहीं पाए, लेकिन जोशी को टक्कर अच्छी दी थी।
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आर्य बताते हैं कि आजादी के बाद के पहले चुनाव थे। युवा वर्ग कांग्रेस का तगड़ा वोटबैंक था, लेकिन कई नेता वे भी थे, जो कांग्रेस की विचारधारा को पसंद नहीं करते थे। पुष्कर लाल मेहता ने भी पहले चुनाव में किसानों और युवा वर्ग की बेरोजगारी का मुद्दा उठाया था।
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19 माह जेल रह चुके आर्य
जनता दल नेता रहे ओमप्रकाश आर्य बताते हैं कि आपातकाल में वे सक्रिय थे। आपातकाल के बाद गिरफ्तारी हुई, उन्हें भी 19 माह तक जेल में बंद रखा। मैने चंद्रशेखर के साथ यात्रा की। आजकल नेतागणों की राजनीतिक दलों की अदला बदली के बारे में आर्य कहते हैं कि अब राजनीति में सिद्धांत शायद मायने नहीं रखते। हम विचारधारा के हिसाब से पार्टी को चुनते हैं, पार्टी बदलने के साथ दलबदलू अपनी विचारधारा कैसे छोड़ सकते हैं।
