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इंदौर: 9 दिनों की भूख हड़ताल के बाद झुका प्रशासन, प्रहलाद पांडे ने खत्म किया अनशन, हटेंगे अवैध होर्डिंग

Thu, 24 Sep 2026 06:36 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Thu, 24 Sep 2026 06:36 PM IST
सार

इंदौर के रीगल तिराहे पर अवैध बैनर-पोस्टर और होर्डिंग के खिलाफ 9 दिनों से अनशन कर रहे प्रहलाद पांडे ने प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद सत्याग्रह समाप्त किया। नगर निगम ने मारमाता, बाणगंगा और महू नाका चौराहे से होर्डिंग हटाने की समय-सीमा तय की है।

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प्रहलाद पांडे - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

इंदौर के रीगल तिराहे पर अवैध बैनर, पोस्टर और होर्डिंग के खिलाफ पिछले नौ दिनों से चल रहा प्रहलाद पांडे का अनशन आखिरकार गुरुवार को समाप्त हो गया। नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से अवैध होर्डिंग हटाने को लेकर लिखित आश्वासन मिलने के बाद पांडे ने अपना सत्याग्रह खत्म किया। इस दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों और उनके शुभचिंतकों ने उन्हें नारियल पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया।
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नगर निगम और जिला प्रशासन से मिला लिखित आश्वासन
प्रहलाद पांडे ने बताया कि बुधवार रात नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी उनसे मिलने पहुंचे थे। अधिकारियों ने शहर में अब तक की गई कार्रवाई के फोटो और वीडियो भी साझा किए। इसके साथ ही, मारमाता चौराहा, बाणगंगा चौराहा और महू नाका चौराहे पर लगे अवैध होर्डिंग को जल्द हटाने का औपचारिक आश्वासन दिया और इसके लिए एक निश्चित समय-सीमा भी तय की।
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प्रहलाद पांडे ने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं थी, बल्कि शहर में नियमों के विरुद्ध लग रहे बैनर, पोस्टरों और होर्डिंग के खिलाफ थी। प्रशासन से लिखित आश्वासन मिलने और शुभचिंतकों के आग्रह पर हमने अनशन समाप्त किया है।
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नौ दिनों के अनशन के दौरान बिगड़ी तबीयत
लगातार नौ दिनों तक चले इस अनशन के दौरान प्रहलाद पांडे की सेहत भी काफी बिगड़ गई थी, जिसको लेकर उनके समर्थक और परिवार के लोग चिंतित थे। इस आंदोलन में उनकी पत्नी संगीता पांडे ने भी पूरे नौ दिनों तक उनके साथ डटकर साथ निभाया। संगीता पांडे ने बताया कि इस सत्याग्रह के दौरान उन्हें सोशल मीडिया और प्रत्यक्ष तौर पर कई ऐसे लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला, जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते तक नहीं थे।
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