Indore News: पिपलियापाला तालाब में हुई ऑक्सीजन कम, किनारे पर पड़ी सैकड़ों मछलियां मृत, बदबू से लोग परेशान
पार्क के कर्मचारियों का कहना था कि पहले चार दिन पहले ज्यादा मछलियां नहीं बनी थी, लेकिन शनिवार से किनारे पर सैकड़ों मरी हुई मछलियां नजर आई। रीजनल पार्क पर सुबह कई लोग जाॅगिंग के लिए आते है। उन्हें भी बदबू केे कारण परेशान होना पड़ा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पिपलियापाला तालाब का पानी कम होने व प्रदूषित होने का असर अब नजर आ रहा है। तालाब की सैकड़ों मछलियां मर कर किनारे पर आ गई हैं। मरी हुई मछलियों को नगर निगम उठवा भी नहीं पा रहा है। इस कारण बदबू रीजनल पार्क के कई हिस्सों में फैल रही है। तालाब का जलस्तर कम हो गया है। गर्मी के कारण पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो रही है। जो मछलियों की मौत की वजह बन रही है।
पिपलियापाला तालाब में बारिश का पानी एकत्र होता है। मार्च तक तालाब का जलस्तर ठीक था, लेकिन बीते दो माह में तालाब का जलस्तर तेजी से कम होने लगा। तालाब में मछली पालन भी होता है। जलस्तर कम होने के बाद तालाब में पानी प्रदूषित होने लगा है और उसमें ऑक्सीजन की मात्रा कम हो गई है। पार्क के कर्मचारियों का कहना था कि पहले चार दिन ज्यादा मछलियां नहीं मरी थीं, लेकिन शनिवार से किनारे पर सैकड़ों मरी हुई मछलियां नजर आईं। रीजनल पार्क पर सुबह कई लोग जाॅगिंग के लिए आते हैं। उन्हें भी मरी हुई मछलियों की बदबू के कारण परेशान होना पड़ा रहा है।
जल विशेषज्ञों का कहना है कि पानी कम होने के कारण तालाब में गाद के कारण अक्सर ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इस कारण मछलियां ऑक्सीजन लेने के लिए पानी की सतह पर आती हैं। वहां भी ऑक्सीजन नहीं मिलती है और उनकी मौत हो जाती है। इंदौर में पिछले साल सिरपुर तालाब में भी सैकड़ों मछलियों की मौत हो चुकी थी।
