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Indore: इंदौर के स्कूलों में अब संगीत की शिक्षा भी मिलेगी, बनेंगे संगीत कक्ष

Tue, 07 Jan 2025 09:38 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Tue, 07 Jan 2025 09:38 PM IST
सार

गौतम काले ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में गायन, वादन एवं नृत्य विधा क्षेत्र में शिक्षण और प्रशिक्षण तो हो रहा है, लेकिन उसका प्रभाव विद्यार्थियों में कम दिखाई पड़ रहा है। संगीत कलाकारों और शिक्षकों के मध्य लगातार चर्चा होना जरूरी है।

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Indore: Now music education will also be provided in Indore schools, music rooms will be built
संभागायुक्त ने ली संस्कृतिप्रेमियों के साथ बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर के सीएम राईज विद्यालयों में अब संगीत की शिक्षा भी मिलेगी। वहां संगीत कक्ष भी अलग से बनाए जाएंगे। शहर के तीन महाविद्यालय में संगीत की शिक्षा दी जा रही है उसे भी और अधिक समृद्ध किया जाएगा। इसके लिए नए संगीत शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। इस कार्य में शालेय शिक्षा समिति, महाविद्यालयीन जनभागीदारी समिति, नगर निगम एवं संगीत से जुड़ी अन्य सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।

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यह फैसला संभागायुक्त दीपक सिंह ने संगीत शिक्षकों के साथ आयोजित बैठक में लिया। उन्होंने कहा कि संगीत कक्षों के निर्माण में इंदौर विकास प्राधिकरण अपनी भूमिका निभाएगा।

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जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन ने कहा कि इंदौर शहर में सभी शिक्षा संस्थानों में गायन-वादन एवं नृत्य विधा की अधिक से अधिक कार्यशालाएं हों। इसमें विभिन्न सामाजिक संस्थाएं भी अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं में इस तरह का कार्य करने वाली स्पिक मैके संस्था को आमंत्रित किया जाएगा।

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गौतम काले ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में गायन, वादन एवं नृत्य विधा क्षेत्र में शिक्षण और प्रशिक्षण तो हो रहा है, लेकिन उसका प्रभाव विद्यार्थियों में कम दिखाई पड़ रहा है। संगीत कलाकारों और शिक्षकों के मध्य लगातार चर्चा होना जरूरी है। संगीत एक कला ही नहीं बल्कि एक साधना है। आज के दौर में संगीत सीखने में आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए।


उस्ताद अलाउद्दीन खां कला अकादमी के पूर्व निदेशक जयंत भिसे ने कहा कि इंदौर शहर में एक से बढ़कर एक कलागुरु है। उनकी कला और ज्ञान का लाभ विद्यालय और महाविद्यालय के संगीत विद्यार्थियों को भी मिले। नृत्य शिक्षिका सुचित्रा हरमलकर ने कहा कि शासकीय शिक्षा संस्थानों में रिक्त पड़े संगतकारों के पद भरे जाएं। अधिक से अधिक शास्त्रीय संगीत समारोह आयोजित किए जाएं। बैठक में डॉ. किरणबाला सलूजा, डॉ. रचना शर्मा, रचना शर्मा, प्रिया गोखले, कपिल देव भल्ला ने भी अपने रखे।

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