Indore News: हर मजदूर के खाते में आएंगे तीन से पांच लाख, पहले जीवित मजदूरों को मिलेगा पैसा
मिल को बंद हुए 33 साल हो चुके है और तब से लेकर अब तक श्रमिकों ने कोर्ट में लड़ाई लड़ी। पांच साल पहले 50 करोड़ रुपये नगर निगम श्रमिकों को दे चुका है।
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25 दिसंबर को हुकमचंद मिल के श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव चेंक सौंपेगे। इस समारोह मेें वर्चुअली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जुड़ेंगे और चार-पाच मिल श्रमिकों से चर्चा करेंगे।
पहले यह आयोजन हुकमचंद मिल परिसर में होना था, लेकिन वहां व्यवस्थाएं ठीक नहीं होने के कारण कार्यक्रम अब कनकेश्वरी परिसर में होगा। यह राशि परिसमापक के खाते में आएगी और फिर श्रमिकों की ग्रेजुएटी के हिसाब सेे यह पैसा मजदूरों के खाते में जाएगा। हर मजदूर के खाते में तीन से लेकर पांच लाख रुपये तक आएंगे, जबकि अधिकारी वर्ग के खाते में दस से लेकर बारह लाख रुपये तक आएंगे। उनकी संख्या 15 से 20 है।
हुकमचंद मिल श्रमिक व कर्मचारी समिति के अध्यक्ष नरेंद्र श्रीवंश ने बताया कि हुकमचंद मिल में छह हजार श्रमिक थे। उनमें से 2800 से ज्यादा श्रमिकों की मौत हो चुकी है, लेकिन उनके परिवार के सदस्यों ने बराबर श्रमिक आंदोलन का साथ दिया और हर रविवार मिल में होने वाली बैठक में आते रहे।
मिल को बंद हुए 33 साल हो चुके है और तब से लेकर अब तक श्रमिकों ने कोर्ट में लड़ाई लड़ी। पांच साल पहले 50 करोड़ रुपये नगर निगम श्रमिकों को दे चुका है। अब 218 करोड़ रुपये मिलेंगे। बकाया 174 करोड़ रुपये पहले हाऊसिंग बोर्ड ने देने की बात कहीं थी, लेकिन मजदूरों ने ब्याज भी मांगा था। बाद में बोर्ड ब्याज के 44 करोड़ रुपये देने के लिए भी तैयार हो गया।
जीवित श्रमिकों को पहले मिलेगा पैसा
हुकमचंद मिल के जो श्रमिक जीवित है। उन्हें सबसे पहले पैसा दिया जाएगा। इसके अलावा जिन श्रमिकों की पत्नियां जीवित है। उनके खातों में पैसा देने में परेशानी नहीं आएगी। श्रमिक के वारिसों को पड़ताल के बाद पैसा दिया जाएगा।
