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Indore News: मप्र बजट पर सामने आई छात्रों की प्रतिक्रिया, नौकरी-सैलरी और शिक्षा पर खुलकर दिए बयान
Wed, 18 Feb 2026 06:35 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 18 Feb 2026 06:35 PM IST
सार
Indore News: अमर उजाला ने एमबीए विद्यार्थियों के लिए 'बजट 2026' पर एक केंद्रित चर्चा सत्र का आयोजन किया। विशेषज्ञों और छात्रों ने बजट की कर नीतियों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और बुनियादी ढांचे के विकास पर होने वाले प्रभावों का गहरा विश्लेषण किया।
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एमबीए विद्यार्थियों के साथ एक विशेष चर्चा सत्र का आयोजन किया गया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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मप्र सरकार द्वारा जारी बजट 2026 पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बजट में शिक्षा, रोजगार, व्यापार के लिए भी बहुत कुछ मिला है। इसी विषय पर एमबीए विद्यार्थियों के साथ एक विशेष चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इंदौर स्थित श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंस (SVIMS) में आयोजित इस सत्र में सभी ने खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएं दी। सत्र का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों को बजट की प्रमुख घोषणाओं, सरकारी आर्थिक नीतियों और उनके उद्योग, स्टार्टअप एवं रोजगार क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों से विस्तार से अवगत कराना था। छात्रों का मानना है कि बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह भविष्य की व्यावसायिक रणनीतियों का आधार होता है। इस विशेष सत्र में राचि मित्तल, राजशुभम गहलोत, प्रियांशी बैरागी, राधिका पाटीदार, प्रियल श्रीपाल, सानिया फातिमा, स्वाति मित्तल, श्वेता अवधिया, सेजल छेरिया, रिया पाटनी, संजना चौधरी, राघव सुहाने, शाही जोशी, शरण जैन, दिव्या जैन, आयुष कुमार धनुक, देवांश शर्मा और प्रशांत द्विवेदी शामिल हुए। एसोसिएट प्रोफेसर डाक्टर रेखा मेलवानी और सीए जीनल शाह ने सत्र का संचालन किया।
दिव्या जैन, सीए, जीनल शाह, देवांश शर्मा, डाक्टर रेखा मेलवानी, आकांक्षा मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
सत्र में आई प्रतिक्रियाएं
वुमन स्टार्टअप की फंडिंग को 5 प्रतिशत बढ़ाया गया है। करोड़ों रुपए के आसपास बढ़े इस फंड से महिलाओं को बहुत अधिक सहायता होगी। इसके साथ में 150 इन्क्यूबेशन सेंटर स्कूलों में खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे साफ है कि महिलाओं और युवाओं को ध्यान में रखकर यह बजट बनाया गया है। इसके साथ स्टार्टअप सिस्टम को भी सपोर्ट किया गया है।
- आकांक्षा मिश्रा
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया है। इससे भारत को विकसित करने का मौका मिलेगा। एमएसएमई पर भी बहुत ध्यान दिया गया है। इसके साथ लाखों नौकरियों की बात कही गई है। एआई, ईवी और सस्टेनेबल डवलपमेंट जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई है। महिला सशक्तिकरण पर भी खासा ध्यान दिया गया है।
- देवांश शर्मा
शी मार्ट की पहल महिलाओं को बहुत मदद करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी इस योजना के माध्यम से मुख्य धारा में आ पाएंगी। यह दिखाता है कि सरकार हर तबके के लोगों को रोजगार और व्यापार से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
- दिव्या जैन
इस बार के बजट में निर्यात पर बहुत अधिक फोकस किया गया है। इसके साथ आयात को कम करने पर भी ध्यान दिया गया है। मध्यमवर्गीय को ध्यान में रखकर इसे बनाया गया है।
- डाक्टर रेखा मेलवानी, एसोसिएट प्रोफेसर
बजट में युवाओं पर बहुत ध्यान दिया है। डिजिटल मीडिया को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया है। क्रिएटर इंडस्ट्री को इससे बहुत फायदा होगा। एग्रीकल्चर, डिफेंस, मछली पालन, स्टार्टअप के क्षेत्रों को इससे बहुत फायदा होगा।
- सीए, जीनल शाह
वुमन स्टार्टअप की फंडिंग को 5 प्रतिशत बढ़ाया गया है। करोड़ों रुपए के आसपास बढ़े इस फंड से महिलाओं को बहुत अधिक सहायता होगी। इसके साथ में 150 इन्क्यूबेशन सेंटर स्कूलों में खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे साफ है कि महिलाओं और युवाओं को ध्यान में रखकर यह बजट बनाया गया है। इसके साथ स्टार्टअप सिस्टम को भी सपोर्ट किया गया है।
- आकांक्षा मिश्रा
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया है। इससे भारत को विकसित करने का मौका मिलेगा। एमएसएमई पर भी बहुत ध्यान दिया गया है। इसके साथ लाखों नौकरियों की बात कही गई है। एआई, ईवी और सस्टेनेबल डवलपमेंट जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई है। महिला सशक्तिकरण पर भी खासा ध्यान दिया गया है।
- देवांश शर्मा
शी मार्ट की पहल महिलाओं को बहुत मदद करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी इस योजना के माध्यम से मुख्य धारा में आ पाएंगी। यह दिखाता है कि सरकार हर तबके के लोगों को रोजगार और व्यापार से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
- दिव्या जैन
इस बार के बजट में निर्यात पर बहुत अधिक फोकस किया गया है। इसके साथ आयात को कम करने पर भी ध्यान दिया गया है। मध्यमवर्गीय को ध्यान में रखकर इसे बनाया गया है।
- डाक्टर रेखा मेलवानी, एसोसिएट प्रोफेसर
बजट में युवाओं पर बहुत ध्यान दिया है। डिजिटल मीडिया को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया है। क्रिएटर इंडस्ट्री को इससे बहुत फायदा होगा। एग्रीकल्चर, डिफेंस, मछली पालन, स्टार्टअप के क्षेत्रों को इससे बहुत फायदा होगा।
- सीए, जीनल शाह
