Indore News: इंदौर के शास्त्री ब्रिज से हटे चूहों के बिल और दुकान का कब्जा, गड्ढे पर किया पेचवर्क
दुकान का शटर उखाड़ने के बाद अफसरों ने दीवार बनाई फिर मिश्रण गड्ढे में भर दिया।ब्रिज के आसपास बने चूहों के बिल भी बंद किए गए है। अब पूरे ब्रिज की नगर निगम जांच करवा रहा है और जहां-जहां चूहों के बिल बने है। वहां पेस्ट कंट्रोल कराएगा।
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इंदौर के शास्त्री ब्रिज पर पांच फीट चौड़ा गड्ढा करने वाले चूहों के बिल और एक दुकान को नगर निगम के अफसरों ने बंद कर दिया है। ब्रिज पर गड्ढा होने की वजह इन दोनों कारणों से हुआ था। एक व्यक्ति के ब्रिज के नीचे खुदाई कर छोटी सी दुकान बना ली थी और चाय स्टाॅल बीते दस साल से संचालित कर रहा था।
उस दुकान का शटर उखाड़ने के बाद अफसरों ने दीवार बनाई फिर सीमेंट और क्रांक्रिट का मिश्रण गड्ढे में भर दिया। उससे पहले पेस्ट कंट्रोल भी कराया गया। ब्रिज के आसपास बने चूहों के बिल भी बंद किए गए है। अब पूरे ब्रिज की नगर निगम जांच करवा रहा है और जहां-जहां चूहों के बिल बने है। वहां पेस्ट कंट्रोल कराएगा।
रविवार को शास्त्री ब्रिज पर पांच फीट का गड्ढा हो गया। अफसरों ने जांच की तो पाया कि ब्रिज के नीचे सीमेंट की दीवारों में चूहों ने अपने बिल बनाए। इसके अलावा ब्रिज के नीचे दीवार तोड़कर एक व्यक्ति दुकान संचालित कर रहा था। रविवार को निगम अफसरों ने तत्काल गड्ढा भरवा दिया था, लेकिन बुधवार को फिर खुदाई कर मलबा निकाला गया और उसमें सीमेंट व रेती का मिश्रण भरा गया।
आसपास बेरिकेड लगाए गए है, जो पंद्रह दिन तक लगाए जाएंगे, ताकि गड्ढे के पेंचवर्क के बाद उस पर तरी भी की जा सके। उसके बाद ही बैरिकेड हटाकर उस हिस्से को ट्रैफिक के लिए खोला जाएगा। आपको बता दे कि ब्रिज 70 साल से ज्यादा पुराना है। ब्रिज का लोकार्पण पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादूर शास्त्री ने किया था। ब्रिज का नामकरण भी उनके नाम पर किया गया है। शहर का सबसे पुराना ब्रिज अब जवाब देने लगा है। कई जगह दरारें आई हुई है।
