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राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट की सोनम रघुवंशी को आत्मसमर्पण की सलाह, अब 23 जुलाई को अहम सुनवाई

Tue, 21 Jul 2026 02:41 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Tue, 21 Jul 2026 02:41 PM IST
सार

राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई हुई। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सोनम को मिली जमानत रद्द करने की मांग करते हुए दावा किया कि गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया।  

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Indore News: Raja Raghuvanshi Murder Case – Next hearing on Sonam's bail plea to be held on July 23.
सोनम रघुवंशी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सोनम रघुवंशी पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप है। अदालत में मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें निचली अदालत द्वारा सोनम को दी गई जमानत और मेघालय हाईकोर्ट द्वारा उसे बरकरार रखने के फैसले को चुनौती दी गई है।

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इस मामले में अब अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि वह या तो मेघालय सरकार की अपील पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर मामले के गुण-दोष के आधार पर फैसला करेगा, या फिर सोनम को फिलहाल आत्मसमर्पण करने का निर्देश दे सकता है, ताकि उससे पूछताछ की जा सके। इसके बाद अदालत जमानत के मुद्दे पर विचार करेगी।

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इससे पहले सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका पर 10 दिन पहले सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन वह टल गई थी। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार ने सोनम की गिरफ्तारी के समय उपलब्ध कराए गए तथ्यों की प्रति सुप्रीम कोर्ट में पेश की। सरकार ने सोनम की जमानत रद्द करने की भी मांग की।

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गौरतलब है कि निचली अदालत ने सोनम को इस आधार पर जमानत दी थी कि गिरफ्तारी के समय उसे कानून के अनुसार गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध नहीं कराए गए थे। बाद में मेघालय हाईकोर्ट ने भी इस फैसले को सही ठहराया था।

जमानत रद्द करने की मांग करते हुए राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि गिरफ्तारी के आधार बताए गए थे। विवाद केवल टाइपिंग की एक त्रुटि का है। दस्तावेज में हत्या से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के स्थान पर गलती से धारा 403(1) लिख दी गई थी, जबकि बीएनएस में ऐसी कोई धारा मौजूद नहीं है। सरकार का कहना है कि सोनम की हत्या की साजिश में संलिप्तता के पुख्ता सबूत मौजूद हैं।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की याचिका पर सोनम की जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा था कि प्रथम दृष्टया यह ऐसा मामला नहीं लगता, जिसमें गिरफ्तारी के आधार बिल्कुल नहीं बताए गए हों। अब इस मामले में 23 जुलाई को आगे की सुनवाई होगी।

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