Indore News: इंदौर-उज्जैन के कई बड़े लोगों को थी हनीट्रैप में फंसाने की तैयारी, श्वेता ने बनाई थी गैंग
शराब कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाने वाली गैंग की सरगना श्वेता जैन निकली, जो पहले भी हनीट्रैप मामले में जेल जा चुकी है। जेल से छूटने के बाद श्वेता ने दोबारा महिलाओं को अपने साथ जोड़ा और हनीट्रैप का संगठित गिरोह खड़ा कर लिया।
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इंदौर में शराब कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाने वाली गैंग की सरगना श्वेता जैन है, जो पूर्व में हनीट्रैप मामले में जेल जा चुकी है। श्वेता ने जेल से छूटने के बाद फिर महिलाओं को जोड़ा और हनीट्रैप के लिए गैंग बनाई। इसमें इंदौर और उज्जैन के कई अमीर लोग, शराब ठेकेदार और कारोबारी टारगेट पर थे।
यह खुलासा पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किए गए पूरक चालान में हुआ। हनीट्रैप गैंग ने सबसे पहले शराब कारोबार से जुड़ी अलका दीक्षित को जोड़ा, फिर रेशू नामक युवती को जोड़कर संगठित गिरोह की तरह काम करना शुरू कर दिया। श्वेता लोगों को फंसाने के लिए रेशू को आगे करती थी। वह स्पाई कैमरों से आपत्तिजनक अवस्था के वीडियो बना लेती थी। फिर अलका के जरिए हनीट्रैप में फंसे लोगों से सौदेबाजी करती थी।
शराब ठेकेदार चिंटू ठाकुर की शिकायत के बाद पुलिस ने 18 मई को छापे मारकर रैकेट के तीनों सदस्यों को पकड़ा था। श्वेता के सागर स्थित घर पर छापा मारकर पुलिस ने 9 मोबाइल फोन, कैमरे, मेमोरी कार्ड, पेन और बटन कैमरे जब्त किए थे। इन उपकरणों का इस्तेमाल हनीट्रैप के लिए किया जाता था।
छह सौ पेज के चालान में पुलिस ने एक पुलिसकर्मी को भी आरोपी बनाया है, जो महिलाओं का साथ देता था। प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा के मोबाइल में भी कई आपत्तिजनक वीडियो मिले। उन वीडियो के जरिए अलका ठाकुर को धमका रही थी। पुलिस ने उसका मोबाइल भी जब्त किया है।
