{"_id":"685956ff5a1b114bd10f6cb1","slug":"indore-news-neet-ug-exam-affected-by-rain-and-power-cut-high-court-reserves-verdict-2025-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: NEET पेपर में बारिश और बिजली का मामला, हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: NEET पेपर में बारिश और बिजली का मामला, हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
Mon, 23 Jun 2025 07:00 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 23 Jun 2025 07:00 PM IST
सार
Indore News: चार मई को हुई नीट यूजी परीक्षा के दौरान बारिश और बिजली गुल की घटनाओं को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता छात्रों के वकील मृदुल भटनागर ने कोर्ट को बताया कि प्रभावित छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
इंदौर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चार मई को हुई नीट यूजी परीक्षा में बिजली के गुल मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद इसमें हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। हाईकोर्ट में आज बिजली गुल और तेज बारिश के सीसीटीवी फुटेज पेश किए गए।
Indore News: सोनम का बैग जलवाने वाला बिल्डर पकड़ाया, ग्वालियर में छुपा था, अब तक 8 आरोपी पकड़ाए
100 से अधिक स्टूडेंट्स
एडवोकेट मृदुल भटनागर ने याचिकाकर्ता स्टूडेंटस की तरफ से कोर्ट में बात रखी। उन्होंने कोर्ट से कहा कि पीड़ित स्टूडेंट्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब इस मामले में 100 से अधिक स्टूडेंट्स हो गए हैं जिनके रिजल्ट बारिश की वजह से प्रभावित हुए हैं। परीक्षा के दौरान बारिश और बिजली गुल होने के कारण यह सभी परेशान हुए और ठीक से पेपर नहीं दे सके। कई सेंटरों में पावर बैकअप का इंतजाम नहीं था, जिससे छात्र परेशान हुए। भटनागर ने कहा कि इन छात्रों को रिएक्जाम का मौका दिया जाए।
विज्ञापन
कुछ छात्रों के लिए परीक्षा फिर से नहीं करवा सकते
NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की ओर से उपस्थित हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वर्चुअल तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एग्जाम के दौरान बैकअप का इंतजाम था। उनके पैनल के वकील रूपेश कुमार और डिप्टी सॉलिसीटर रमेश दवे प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हुए। NTA की ओर से कोर्ट को बताया कि 75 से 80 स्टूडेंटस के लिए फिर से भी एग्जाम करवाना ठीक नहीं है। बता दें, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG का परिणाम घोषित कर दिया है, लेकिन कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले 75 छात्रों का रिजल्ट होल्ड रखा है।
कोर्ट रूम लाइव... लाइट बंद कर दीजिए, हम भी तो देखें बिना लाइट के काम करना संभव है या नहीं
तुषार मेहता- 14 जून को रिजल्ट आ चुका है, टॉपर भी इंदौर का निकला, बहुत से छात्र पास हो गए। याचिका खारिज की जाए।
याचिकाकर्ता - परीक्षा केंद्रों में कितना अंधेरा था, इसकी जांच सीसीटीवी कैमरों से हो सकती है। उनकी जांच की जाए। हालांकि कई केंद्रों में कैमरे नहीं लगाए गए थे।
तुषार मेहता सीसीटीवी लगाने का कोई नियम नहीं है, यह एहतियातन लगाए गए थे। लाइट जाने पर कैमरे भी बंद हो जाते हैं।
याचिकाकर्ता- जिन केंद्रों के कमरों में खिड़कियां नहीं थीं, वहां गहरा अंधेरा था, कुछ भी देख पाना मुश्किल था। बच्चों का भविष्य खराब हो सकता है।
तुषार मेहता- नीट यूजी का देशभर मैं बेहतर रिजल्ट आया है। जिन शहरों में आपदा आई वहां के छात्र भी अच्छे अंकों से पास हुए हैं।
हाई कोर्ट - हम देखना चाहते हैं कि अंधेरे में काम होता है या नहीं? लाइट बंद कर दीजिए।
याचिकाकर्ता- देख लीजिए, अंधेरे में पढ़ पाना ही मुश्किल हो रहा है, छात्रों ने पेपर कैसे दिया होगा ?
तुषार मेहता- कम उजाले में पेपर देना मुश्किल होता तो इंदौर के केंद्रों में बैठे छात्र कैसे पास हो गए?
याचिकाकर्ता- जिन छात्रों को दिक्कत हुई है उनकी परीक्षा फिर ली जाना चाहिए।
तुषार मेहता- यह संभव नहीं है। 75 हजार से अधिक छात्र परीक्षा दे चुके हैं। परिणाम आ चुका है। दोबारा परीक्षा नहीं ले सकते।
हाई कोर्ट- इस मामले में अगली सुनवाई 30 जून को होगी।
विज्ञापन
Indore News: सोनम का बैग जलवाने वाला बिल्डर पकड़ाया, ग्वालियर में छुपा था, अब तक 8 आरोपी पकड़ाए
विज्ञापन
100 से अधिक स्टूडेंट्स
एडवोकेट मृदुल भटनागर ने याचिकाकर्ता स्टूडेंटस की तरफ से कोर्ट में बात रखी। उन्होंने कोर्ट से कहा कि पीड़ित स्टूडेंट्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब इस मामले में 100 से अधिक स्टूडेंट्स हो गए हैं जिनके रिजल्ट बारिश की वजह से प्रभावित हुए हैं। परीक्षा के दौरान बारिश और बिजली गुल होने के कारण यह सभी परेशान हुए और ठीक से पेपर नहीं दे सके। कई सेंटरों में पावर बैकअप का इंतजाम नहीं था, जिससे छात्र परेशान हुए। भटनागर ने कहा कि इन छात्रों को रिएक्जाम का मौका दिया जाए।
विज्ञापन
कुछ छात्रों के लिए परीक्षा फिर से नहीं करवा सकते
NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की ओर से उपस्थित हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वर्चुअल तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एग्जाम के दौरान बैकअप का इंतजाम था। उनके पैनल के वकील रूपेश कुमार और डिप्टी सॉलिसीटर रमेश दवे प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हुए। NTA की ओर से कोर्ट को बताया कि 75 से 80 स्टूडेंटस के लिए फिर से भी एग्जाम करवाना ठीक नहीं है। बता दें, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG का परिणाम घोषित कर दिया है, लेकिन कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले 75 छात्रों का रिजल्ट होल्ड रखा है।
कोर्ट रूम लाइव... लाइट बंद कर दीजिए, हम भी तो देखें बिना लाइट के काम करना संभव है या नहीं
तुषार मेहता- 14 जून को रिजल्ट आ चुका है, टॉपर भी इंदौर का निकला, बहुत से छात्र पास हो गए। याचिका खारिज की जाए।
याचिकाकर्ता - परीक्षा केंद्रों में कितना अंधेरा था, इसकी जांच सीसीटीवी कैमरों से हो सकती है। उनकी जांच की जाए। हालांकि कई केंद्रों में कैमरे नहीं लगाए गए थे।
तुषार मेहता सीसीटीवी लगाने का कोई नियम नहीं है, यह एहतियातन लगाए गए थे। लाइट जाने पर कैमरे भी बंद हो जाते हैं।
याचिकाकर्ता- जिन केंद्रों के कमरों में खिड़कियां नहीं थीं, वहां गहरा अंधेरा था, कुछ भी देख पाना मुश्किल था। बच्चों का भविष्य खराब हो सकता है।
तुषार मेहता- नीट यूजी का देशभर मैं बेहतर रिजल्ट आया है। जिन शहरों में आपदा आई वहां के छात्र भी अच्छे अंकों से पास हुए हैं।
हाई कोर्ट - हम देखना चाहते हैं कि अंधेरे में काम होता है या नहीं? लाइट बंद कर दीजिए।
याचिकाकर्ता- देख लीजिए, अंधेरे में पढ़ पाना ही मुश्किल हो रहा है, छात्रों ने पेपर कैसे दिया होगा ?
तुषार मेहता- कम उजाले में पेपर देना मुश्किल होता तो इंदौर के केंद्रों में बैठे छात्र कैसे पास हो गए?
याचिकाकर्ता- जिन छात्रों को दिक्कत हुई है उनकी परीक्षा फिर ली जाना चाहिए।
तुषार मेहता- यह संभव नहीं है। 75 हजार से अधिक छात्र परीक्षा दे चुके हैं। परिणाम आ चुका है। दोबारा परीक्षा नहीं ले सकते।
हाई कोर्ट- इस मामले में अगली सुनवाई 30 जून को होगी।
