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Indore News: मेडिकल पीजी परीक्षा में जूते-बालियां उतरवाईं, सख्ती से परेशान हुए छात्र
Sun, 03 Aug 2025 01:40 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 03 Aug 2025 01:40 PM IST
सार
Indore News: मेडिकल पीजी पाठ्यक्रमों के लिए आज इंदौर के पांच परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। केंद्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था के तहत जूते-मोजे, कान की बालियां और अन्य धातु वस्तुएं उतरवाकर प्रवेश दिया गया।
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नीट पीजी 2025 परीक्षा
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
इंदौर में मेडिकल पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आज सुबह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। शहर के पांच परीक्षा केंद्रों पर सुबह 7 बजे से ही परीक्षार्थियों की भीड़ देखी गई। कई परीक्षार्थी समय से काफी पहले पहुंच गए थे। वहीं, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त चेकिंग की प्रक्रिया ने उन्हें असहज भी किया। कुछ परीक्षार्थियों को जूते-मोजे, कान की बालियां और अन्य धातुयुक्त वस्तुएं तक निकालनी पड़ीं।
पांच प्रमुख परीक्षा केंद्र, कलेक्टर रहे निगरानी में सक्रिय
इंदौर में अरविंदो इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आईपीएस अकेडमी, ऑरलाडो अकेडमी, विशिष्ट स्कूल ऑफ मैनेजमेंट समेत कुल पांच केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित था। दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से ढाई घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने को कहा गया था। सुबह 7:30 बजे के बाद प्रवेश बंद कर दिया गया। कुछ अभ्यर्थी अंतिम समय में पहुंचे, जिन्हें केंद्र में प्रवेश पाने के लिए लंबी प्रक्रिया और सख्त जांच से गुजरना पड़ा।
कड़े सुरक्षा इंतजाम, मोबाइल और गैजेट्स पर सख्त पाबंदी
परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सख्त रही। केंद्रों पर अधिकारियों की तैनाती की गई थी और जिला कलेक्टर आशीष सिंह स्वयं निगरानी बनाए हुए थे। केंद्रों के बाहर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहा। प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य किया गया था। परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश से पूर्व जूते-मोजे, कान की बालियां, बक्कल क्लिप जैसी धातु की वस्तुएं बाहर ही रखनी पड़ीं। साथ ही केंद्रों के बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे।
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अभिभावकों का इंतजार, चाय-नाश्ते की दुकानों पर लगी भीड़
परीक्षार्थियों को छोड़ने आए अभिभावक भी सुबह 7 बजे से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद रहे। परीक्षा शुरू होने के बाद भी कई अभिभावक आसपास ही रुके रहे और परीक्षा पूरी होने तक अपने बच्चों का इंतजार करते दिखे। कुछ स्थानों पर चाय-नाश्ते की दुकानों पर अभिभावकों की भीड़ देखी गई। परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर का माहौल संयमित और व्यवस्थित नजर आया, जहां परीक्षा संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सजग रहा।
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पांच प्रमुख परीक्षा केंद्र, कलेक्टर रहे निगरानी में सक्रिय
इंदौर में अरविंदो इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आईपीएस अकेडमी, ऑरलाडो अकेडमी, विशिष्ट स्कूल ऑफ मैनेजमेंट समेत कुल पांच केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित था। दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से ढाई घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने को कहा गया था। सुबह 7:30 बजे के बाद प्रवेश बंद कर दिया गया। कुछ अभ्यर्थी अंतिम समय में पहुंचे, जिन्हें केंद्र में प्रवेश पाने के लिए लंबी प्रक्रिया और सख्त जांच से गुजरना पड़ा।
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कड़े सुरक्षा इंतजाम, मोबाइल और गैजेट्स पर सख्त पाबंदी
परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सख्त रही। केंद्रों पर अधिकारियों की तैनाती की गई थी और जिला कलेक्टर आशीष सिंह स्वयं निगरानी बनाए हुए थे। केंद्रों के बाहर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहा। प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य किया गया था। परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश से पूर्व जूते-मोजे, कान की बालियां, बक्कल क्लिप जैसी धातु की वस्तुएं बाहर ही रखनी पड़ीं। साथ ही केंद्रों के बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे।
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अभिभावकों का इंतजार, चाय-नाश्ते की दुकानों पर लगी भीड़
परीक्षार्थियों को छोड़ने आए अभिभावक भी सुबह 7 बजे से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद रहे। परीक्षा शुरू होने के बाद भी कई अभिभावक आसपास ही रुके रहे और परीक्षा पूरी होने तक अपने बच्चों का इंतजार करते दिखे। कुछ स्थानों पर चाय-नाश्ते की दुकानों पर अभिभावकों की भीड़ देखी गई। परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर का माहौल संयमित और व्यवस्थित नजर आया, जहां परीक्षा संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सजग रहा।
