{"_id":"675c04a460ba1774e501cb2b","slug":"indore-news-medical-college-dean-high-court-decision-2024-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: मेडिकल कॉलेज पर सरकार की नहीं चली, हाई कोर्ट ने यादव की जगह पांडे को बनाया डीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: मेडिकल कॉलेज पर सरकार की नहीं चली, हाई कोर्ट ने यादव की जगह पांडे को बनाया डीन
Fri, 13 Dec 2024 03:25 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 13 Dec 2024 03:25 PM IST
सार
Indore News: डॉ. वीपी पांडे बने एमजीएम कॉलेज के नए डीन, जूनियर डॉक्टर यादव को चार्ज देने पर कोर्ट में की थी अपील, आदेश के बाद पदभार संभाला।
विज्ञापन
वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वी.पी. पांडे
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. वी.पी. पांडे ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर के डीन का पदभार ग्रहण कर लिया है। यह कदम हाई कोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया, जिसमें कोर्ट ने उन्हें इस पद पर नियुक्त करने का निर्देश दिया। दरअसल, 30 नवंबर को पूर्व डीन डॉ. संजय दीक्षित के रिटायर होने के बाद चार्ज एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव को सौंपा गया था, जो डॉ. पांडे से 15 साल जूनियर हैं।
डॉ. पांडे ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील की थी, जिसमें उन्होंने अपनी वरिष्ठता के आधार पर यह पद मांगा। हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने 10 दिसंबर को दिए फैसले में कहा कि किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को उनके जूनियर के अधीन काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
कोर्ट की टिप्पणियां
जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने राज्य सरकार से सवाल किया कि बिना किसी ठोस दस्तावेज या तथ्य के जूनियर अधिकारी को चार्ज क्यों सौंपा गया। सरकार यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि डॉ. अशोक यादव को डीन का कार्यभार किस आधार पर दिया गया था।
विज्ञापन
अन्य मेडिकल कॉलेजों के विवाद
इस मामले के अलावा, प्रदेश के अन्य 18 मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती को लेकर भी विवाद जारी है। इन मामलों की सुनवाई 7 जनवरी को निर्धारित की गई है। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करें।
विज्ञापन
डॉ. पांडे ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील की थी, जिसमें उन्होंने अपनी वरिष्ठता के आधार पर यह पद मांगा। हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने 10 दिसंबर को दिए फैसले में कहा कि किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को उनके जूनियर के अधीन काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
कोर्ट की टिप्पणियां
जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने राज्य सरकार से सवाल किया कि बिना किसी ठोस दस्तावेज या तथ्य के जूनियर अधिकारी को चार्ज क्यों सौंपा गया। सरकार यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि डॉ. अशोक यादव को डीन का कार्यभार किस आधार पर दिया गया था।
विज्ञापन
अन्य मेडिकल कॉलेजों के विवाद
इस मामले के अलावा, प्रदेश के अन्य 18 मेडिकल कॉलेजों में डीन की सीधी भर्ती को लेकर भी विवाद जारी है। इन मामलों की सुनवाई 7 जनवरी को निर्धारित की गई है। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे इस मुद्दे पर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करें।
