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MP Foundation Day: धार्मिक, प्राकृतिक और एडवेंचर पर्यटन का केंद्र बन रहा मप्र, पिछले साल आए 13 करोड़ पर्यटक
Sat, 01 Nov 2025 07:14 AM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 01 Nov 2025 07:14 AM IST
सार
MP Foundation Day: मध्य प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। धार्मिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ अब सरकार एडवेंचर टूरिज्म पर भी विशेष जोर दे रही है।
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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
"हिंदुस्तान का दिल" कहा जाने वाला मध्य प्रदेश, अपनी अतुलनीय विविधता और समृद्ध विरासत के साथ पर्यटकों को एक अलग अनुभव प्रदान करता है। यह एक ऐसा राज्य है जहां इतिहास, आध्यात्मिकता, प्रकृति और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। मप्र के पर्यटक स्थलों के प्रति लोगों की बढ़ती रूचि इस क्षेत्र को आगे बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश धार्मिक, प्राकृतिक और एडवेंचर पर्यटन का केंद्र बनकर उभरेगा।
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड में इवेंट एंड मार्केटिंग के डिप्टी डायरेक्टर युवराज पडोले ने बताया कि एमपी में धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक पर्यटन पहले से मौजूद है। अब एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2024 में 13.41 करोड़ पर्यटक मध्य प्रदेश पहुंचे थे। पुरातन के साथ नई चीजों को यहां पर जोड़ा जा रहा है।
दरअसल, एमपी में राजाओं, राजवंशों और उनकी शानदार वास्तुकला का इतिहास पर्यटकों को मिलता है। खजुराहो को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। खजुराहो के मंदिर अपनी जटिल नक्काशी और अद्भुत शिल्प कौशल के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। वहीं, सांची भी एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जो बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है। ग्वालियर को "किलों का रत्न" कहा जाता है। मांडू (मांडवगढ़) को "खुशियों का शहर" के रूप में प्रसिद्धि मिली है। मांडू अपने अद्भुत महलों जैसे जहाज महल, हिंडोला महल और खूबसूरत तालाबों के लिए जाना जाता है। बेतवा नदी के तट पर स्थित ओरछा अपनी राजपूत वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।
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विश्वस्तरीय ब्रांड्स ने दी दस्तक, लगातार बड़े निवेश हो रहे
ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन आफ इंडिया के चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि मध्य प्रदेश एक ऐसा राज्य है जो हर कदम पर आपको आश्चर्यचकित करता है। यहां एक संपूर्ण पर्यटन मिलता है। पर्यटकों के लिए भारत के हृदय स्थल की यात्रा सबसे यादगार यात्राओं में से एक होती है। पिछले कुछ साल में यहां पर बड़ी होटलें खुली हैं।
छोटे शहरों को भी मिलेगा फायदा
मध्य प्रदेश होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा कि भविष्य में मप्र धार्मिक, प्राकृतिक और एडवेंचरस पर्यटन के लिए खास पहचान बनाएगा। मध्य प्रदेश को "टाइगर स्टेट" के नाम से भी जाना जाता है। वहीं, महाकाल और महाकालेश्वर के कारण यहां धार्मिक पर्यटन भी बहुत बढ़ा है। चित्रकूट भगवान राम के वनवास काल से जुड़ा पवित्र स्थान है। इन सब के साथ अब एडवेंचरस एक्टिविटी भी बढ़ रही है।
एडवेंचरस एक्टिविटी के लिए यह जगह हैं बेहद खास
मध्यप्रदेश में एडवेंचर स्पोर्टस को भी बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे आगे पर्यटन की संभावनाएं लगातार बढ़ें। बेतवा नदी रिवर रॉफ्टिंग के लिए आकर्षित कर रही है तो बरगी बांध और हनुमंतिया द्वीप वाटर स्पोर्ट्स के लिए खास जगह बना रहे हैं। यहां पर रिवर रॉफ्टिंग, स्पीड बोटिंग, वाटर स्कूटरिंग, पैडल बोटिंग और सेलबोटिंग जैसे एडवेंचर मिल रहे हैं। भेड़ाघाट (जबलपुर) में संगमरमर की चट्टानों के बीच पर्यटक रोपवे और नौका विहार का आनंद लेते नजर आते हैं।
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मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड में इवेंट एंड मार्केटिंग के डिप्टी डायरेक्टर युवराज पडोले ने बताया कि एमपी में धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक पर्यटन पहले से मौजूद है। अब एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2024 में 13.41 करोड़ पर्यटक मध्य प्रदेश पहुंचे थे। पुरातन के साथ नई चीजों को यहां पर जोड़ा जा रहा है।
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दरअसल, एमपी में राजाओं, राजवंशों और उनकी शानदार वास्तुकला का इतिहास पर्यटकों को मिलता है। खजुराहो को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। खजुराहो के मंदिर अपनी जटिल नक्काशी और अद्भुत शिल्प कौशल के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। वहीं, सांची भी एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जो बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है। ग्वालियर को "किलों का रत्न" कहा जाता है। मांडू (मांडवगढ़) को "खुशियों का शहर" के रूप में प्रसिद्धि मिली है। मांडू अपने अद्भुत महलों जैसे जहाज महल, हिंडोला महल और खूबसूरत तालाबों के लिए जाना जाता है। बेतवा नदी के तट पर स्थित ओरछा अपनी राजपूत वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।
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विश्वस्तरीय ब्रांड्स ने दी दस्तक, लगातार बड़े निवेश हो रहे
ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन आफ इंडिया के चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि मध्य प्रदेश एक ऐसा राज्य है जो हर कदम पर आपको आश्चर्यचकित करता है। यहां एक संपूर्ण पर्यटन मिलता है। पर्यटकों के लिए भारत के हृदय स्थल की यात्रा सबसे यादगार यात्राओं में से एक होती है। पिछले कुछ साल में यहां पर बड़ी होटलें खुली हैं।
छोटे शहरों को भी मिलेगा फायदा
मध्य प्रदेश होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा कि भविष्य में मप्र धार्मिक, प्राकृतिक और एडवेंचरस पर्यटन के लिए खास पहचान बनाएगा। मध्य प्रदेश को "टाइगर स्टेट" के नाम से भी जाना जाता है। वहीं, महाकाल और महाकालेश्वर के कारण यहां धार्मिक पर्यटन भी बहुत बढ़ा है। चित्रकूट भगवान राम के वनवास काल से जुड़ा पवित्र स्थान है। इन सब के साथ अब एडवेंचरस एक्टिविटी भी बढ़ रही है।
एडवेंचरस एक्टिविटी के लिए यह जगह हैं बेहद खास
मध्यप्रदेश में एडवेंचर स्पोर्टस को भी बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे आगे पर्यटन की संभावनाएं लगातार बढ़ें। बेतवा नदी रिवर रॉफ्टिंग के लिए आकर्षित कर रही है तो बरगी बांध और हनुमंतिया द्वीप वाटर स्पोर्ट्स के लिए खास जगह बना रहे हैं। यहां पर रिवर रॉफ्टिंग, स्पीड बोटिंग, वाटर स्कूटरिंग, पैडल बोटिंग और सेलबोटिंग जैसे एडवेंचर मिल रहे हैं। भेड़ाघाट (जबलपुर) में संगमरमर की चट्टानों के बीच पर्यटक रोपवे और नौका विहार का आनंद लेते नजर आते हैं।
