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Indore News: किसान परेशान ! मंडियों में अनाज रखने की जगह नहीं, करोड़ों रुपए के शेड पर व्यापारियों का कब्जा
Wed, 10 Jul 2024 08:41 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 10 Jul 2024 08:41 AM IST
सार
Indore Mandi News: किसानों को बारिश में उपज खराब होने की आशंका, बोले मंडी के शेड को व्यापारियों ने गोदाम बनाया, अधिकारियों ने व्यापारियों को माल निकलाने का आदेश जारी किया
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इंदौर की मंडियों में शेड में रखा व्यापारियों का अनाज।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
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विस्तार
बारिश आ चुकी है और इंदौर की मंडियों में अनाज लाने वाले किसान परेशान हैं। किसान मोर्चा का कहना है कि मंडियों में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए जगह नहीं है। इंदौर की मंडियों में किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए करोड़ों रुपए के शेड बनाए गए हैं लेकिन उन पर व्यापारियों ने कब्जा कर लिया है। व्यापारी इन शेड का गोदाम की तरह उपयोग करते हैं और कई दिनों तक उनका माल इन शेड में पड़ा रहता है। वहीं अमर उजाला से बातचीत में मंडी सचिव नरेश परमार ने कहा कि किसी किसान को अनाज रखने में परेशानी है तो हमसे सीधे बात करे। अभी तक किसी किसान को अनाज रखने में दिक्कत नहीं आई है। हमने व्यापारियों को भी शेड में रखा अनाज खाली करने के लिए आदेश जारी कर दिया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, चंदन सिंह बड़वाया और शैलेंद्र पटेल ने बताया कि आजकल इंदौर का मौसम अचानक बिगड़ जाता है और बारिश होने लगती है। ऐसे में किसानों के माल की कोई सुरक्षा नहीं है। उन्हें धूप, बरसात में अपने उपज को ट्रालियां और वाहनों में रखना पड़ता है। जिससे उपज खराब हो जाती है और उन्हें बराबर भाव नहीं मिलता है। सभी ने बताया कि किसानों के साथ व्यापारियों के द्वारा की जा रही इस मनमानी का किसान संगठन पुरजोर विरोध करते हैं। हमने मंडी समिति से मांग की है कि किसानों के लिए बनाए गए शेड को तत्काल व्यापारियों से खाली करवाएं और किसानों की उपज को सुरक्षा दें। कई बार गांव से उपज लेकर किसान जब आता है तब मौसम खुला रहता है लेकिन मंडी में नीलामी, तोल में और भुगतान में लंबा समय लगता है और ऐसे में मौसम बदल जाता है तो किसान की उपज खराब होती है।
करोड़ों रुपए के शेड बनाए गए, व्यापारियों ने किया कब्जा
सभी ने बताया कि मंडी समिति ने दिखाने को तो किसानों के लिए करोड़ों रुपए के शेड बनाए हैं लेकिन उन शेड का अधिकांश उपयोग व्यापारी ही कर रहे हैं। व्यापारी माल खरीद कर शेड में रख देते हैं और कई कई दिन तक वह माल वहीं पड़ा रहता है। वहीं पैकिंग होता है और उसके बाद भेजा जाता है। एक तरह से बगैर किराए के मंडी शेड का व्यापारी उपयोग कर रहे हैं। इसको लेकर पूरे जिले के किसानों में आक्रोश है। किसान संगठनों ने मंडी समिति के सचिव और अन्य अधिकारियों की जानकारी में भी इस मामले को लाया है और यदि जल्दी ही शेड खली नहीं कराए गए तो किसानों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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व्यापारी समय रहते माल हटा लेंगे
मंडी सचिव नरेश परमार ने बताया कि हमने एक जुलाई को ही सभी मंडियों में शेड से माल बाहर निकालने का आदेश जारी कर दिया है। व्यापारी माल बाहर निकाल भी रहे हैं। किसी किसान को अभी तक परेशानी नहीं आई है। यदि किसी किसान को माल रखने में परेशानी है तो वह सीधे हमसे संपर्क करे। हर साल एक जुलाई को हम व्यापारियों को माल बाहर रखने के लिए कह देते हैं क्योंकि बारिश की वजह से अनाज खराब हो सकता है यह हमें भी पता है।
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संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, चंदन सिंह बड़वाया और शैलेंद्र पटेल ने बताया कि आजकल इंदौर का मौसम अचानक बिगड़ जाता है और बारिश होने लगती है। ऐसे में किसानों के माल की कोई सुरक्षा नहीं है। उन्हें धूप, बरसात में अपने उपज को ट्रालियां और वाहनों में रखना पड़ता है। जिससे उपज खराब हो जाती है और उन्हें बराबर भाव नहीं मिलता है। सभी ने बताया कि किसानों के साथ व्यापारियों के द्वारा की जा रही इस मनमानी का किसान संगठन पुरजोर विरोध करते हैं। हमने मंडी समिति से मांग की है कि किसानों के लिए बनाए गए शेड को तत्काल व्यापारियों से खाली करवाएं और किसानों की उपज को सुरक्षा दें। कई बार गांव से उपज लेकर किसान जब आता है तब मौसम खुला रहता है लेकिन मंडी में नीलामी, तोल में और भुगतान में लंबा समय लगता है और ऐसे में मौसम बदल जाता है तो किसान की उपज खराब होती है।
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करोड़ों रुपए के शेड बनाए गए, व्यापारियों ने किया कब्जा
सभी ने बताया कि मंडी समिति ने दिखाने को तो किसानों के लिए करोड़ों रुपए के शेड बनाए हैं लेकिन उन शेड का अधिकांश उपयोग व्यापारी ही कर रहे हैं। व्यापारी माल खरीद कर शेड में रख देते हैं और कई कई दिन तक वह माल वहीं पड़ा रहता है। वहीं पैकिंग होता है और उसके बाद भेजा जाता है। एक तरह से बगैर किराए के मंडी शेड का व्यापारी उपयोग कर रहे हैं। इसको लेकर पूरे जिले के किसानों में आक्रोश है। किसान संगठनों ने मंडी समिति के सचिव और अन्य अधिकारियों की जानकारी में भी इस मामले को लाया है और यदि जल्दी ही शेड खली नहीं कराए गए तो किसानों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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व्यापारी समय रहते माल हटा लेंगे
मंडी सचिव नरेश परमार ने बताया कि हमने एक जुलाई को ही सभी मंडियों में शेड से माल बाहर निकालने का आदेश जारी कर दिया है। व्यापारी माल बाहर निकाल भी रहे हैं। किसी किसान को अभी तक परेशानी नहीं आई है। यदि किसी किसान को माल रखने में परेशानी है तो वह सीधे हमसे संपर्क करे। हर साल एक जुलाई को हम व्यापारियों को माल बाहर रखने के लिए कह देते हैं क्योंकि बारिश की वजह से अनाज खराब हो सकता है यह हमें भी पता है।
