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Indore News: नदी किनारे आफत की बस्तियां, बारिश में डूबते घर, खतरे में जान

Mon, 30 Jun 2025 12:27 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Mon, 30 Jun 2025 12:27 PM IST
सार

Indore News: जलभराव की स्थिति में इंदौर की कई बस्तियों में खतरनाक हालात हो जाते हैं। नगर निगम कई साल से लोगों को समझाइश दे रहा है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं। 

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Indore news flood-affected slums near Khan River face evacuation before monsoon
इंदौर में नदी, नालों किनारे कई बस्तियां बसी हुई हैं। फोटो- जयेश मालवीय। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

इंदौर में बारिश के दौरान कई बस्तियों में जलभराव हो जाता है। तेज बारिश की स्थिति में न सिर्फ लोगों के घरों में पानी भर जाता है बल्कि कई बार जान जाने का खतरा भी बना रहता है। कान्ह नदी और बड़े नालों के किनारे बनी कई बस्तियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। 
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इन क्षेत्रों में बरसती है आफत
इंदौर में कई क्षेत्र कान्ह नदी और बड़े नालों के आसपास बसे हुए हैं। यहां पर लगातार बस्तियां बढ़ रही हैं और निगम सिर्फ मौन बना हुआ है। इनमें हरसिद्धि से लेकर गणगौर घाट का क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा छावनी के पीछे बनी बस्तियां और गाडराखेड़ी में नाले के आसपास बनी बस्तियां भी डूब में आ जाती हैं।
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बार बार समझाइश दे रहा निगम
हर बार बारिश में कान्ह नदी के किनारे की बस्तियों में जलजमाव के कारण रहवासियों को शिफ्ट कराना पड़ता है। पिछले दिनों हरसिद्धि से गणगौर घाट तक नई सड़क बनाने को लेकर रहवासियों को फ्लैट दिए जाने के सिलसिले में चर्चा की गई थी, मगर कई रहवासी इसके विरोध में थे। अब निगम फिर से टीमों के माध्यम से रहवासियों को समझाइश देगा। तोड़ा क्षेत्र में भी कुछ मकानों को बारिश के चलते शिफ्ट किया जाना है।
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सीपी शेखर नगर को हटाया
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक हर बार बारिश में कान्ह नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के रहवासियों की मुसीबत हो जाती है। ऐसे में निगम की टीमों को भी मोर्चा संभालना पड़ता है और उन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराना पड़ता है। सबसे पहले बड़ी बस्ती सीपी शेखर नगर थी, जिसे हटा दिया गया। अब निगम हरसिद्धि से लेकर गणगौर घाट तक नई सड़क बनाने की तैयारी में है और उसी के चलते नदी किनारे के कई मकानों को हटाया जाना है। 


लोग फ्लैट में जाने को तैयार नहीं
मकानों को हटाने और लोगों को शिफ्ट करने के लिए पिछले दिनों निगम अफसरों ने झोनलों पर प्रभावित परिवारों की सूची भी चस्पा की थी, ताकि सूची को लेकर बाद में कोई विवाद न हो। वहां रहने वाले कई लोग फ्लैट में जाने को तैयार नहीं थे, जबकि कुछ लोग तैयार हो गए थे। बाद में वे भी शिफ्ट होने को लेकर इनकार कर चुके हैं। अब निगम फिर से उन्हें समझाइश देने का काम शुरू करने जा रहा है, ताकि बस्ती में रहने वालों को वहां से शिफ्ट कराया जा सके और बारिश में उन्हें परेशानी न हो। इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी नदी किनारे रहने वाले परिवारों को अभी से चिह्नित कर शिफ्ट कराने की तैयारी है।
 
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