Indore News: नर्मदा नदी पर तैरते सोलर प्लांट से मार्च तक बनेगी बिजली,300 मेगावाट का होगा उत्पादन
केलाखुर्द गांव में 14 मेगावाट, एखंड गांव में दस मेगावाट के प्लांट लगाए जा चुके है। इसी तरह नदी के आसपास के गांवों मेें सोलर पैनल लगाए जा रहे हैै। सरकार ने इस परियोजना के लिए एसजेवीएन कंपनी के साथ करार किया है।
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पानी पर तैरने वाले देश के सबसे बड़े सोलर प्लांट से मार्च में बिजली बनना शुरू होगी,हालांकि प्लांट की प्लानिंग 600 मेगावाट की थी, लेकिन पहले चरण में 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।
यह प्लांट ओंकारेश्वर बांध के बेक वाटर में तैरते नजर आएगे। पिछले साल तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस परियोजना का भूमिपूजन किया है।फिलहाल इस परियोजना के लिए चार गांवों के आसपास काम किया जा रहा है।
केलाखुर्द गांव में 14 मेगावाट, एखंड गांव में दस मेगावाट के प्लांट लगाए जा चुके है। इसी तरह नदी के आसपास के गांवों मेें सोलर पैनल लगाए जा रहे हैै। सरकार ने इस परियोजना के लिए एसजेवीएन कंपनी के साथ करार किया है। अफसरों का कहना है कि अभी तक पानी पर इतनी बड़ी सोलर योजना देश के किसी अन्य राज्य में नहीं लगी है। परियोजना के लिए सब स्टेशन बनाने का काम भी चल रहा है। मार्च तक 300 मेगावाट बिजली मिलना शुरू हो जाएगी। बांध से तैरते हुए प्लांट नजर आएंगे।
ओंकारेश्वर तीर्थ बना पावर हब
ओंकारेश्वर तीर्थ प्रदेश का पावर हब बनता जा रहा है। दस साल पहले अेाकारेश्वर बांध से बिजली उत्पादन शुरू हुआ था और अब उसके बैकवाटर का उपयोग भी बिजली उत्पादन के लिए किया जा रहा है। प्रदेश के इस हिस्से में धूप भी अच्छी और तेज रहती है, इसलिए इस प्रोजेक्ट के लिए ओंकारेश्वर को चुना गया।
