इंदौर में सोशल मीडिया अकाउंट से गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। अब इंदौर पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफार्म और अकाउंट्स की लगातार मॉनिटरिंग करेगी। इससे शहर में गलत जानकारी और अफवाह फैलाने वालों पर रोक लगाई जा सकेगी।
दरअसल, इंदौर मेट्रो की शुरुआत होने पर एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। ये वीडियो इंदौर का नहीं था। ये जानकारी एक सोशल मीडिया अकाउंट से दी गई थी। इसके बारे में पुलिस अधिकारियों को अमर उजाला समेत समाज के जागरूक लोगों ने जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अलर्ट हुई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फर्जी कंटेंट के माध्यम से लोगों को भ्रमित कर रहे इंस्टाग्राम पेजों पर केस दर्ज किया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजेश दंडोतिया ने बताया कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। आगे भी ये काम जारी रहेगा। इससे शहर की छवि खराब करने वालों पर रोक लगाई जा सकेगी। अभी केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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मेट्रो का फर्जी वीडियो किया था वायरल
एक सोशल मीडिया अकाउंट से इंदौर मेट्रो का एक फर्जी वीडियो जारी किया गया था। इसमें मेट्रो के नीचे एक व्यक्ति को फंसा हुआ दिखाया गया था। इस वीडियो को 13 लाख से अधिक लोगों ने देखा और इसकी वजह से इंदौर मेट्रो की लापरवाही की बातें सोशल मीडिया पर चलने लगी थी। वीडियो पर समाज के जागरूक लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी और फेक न्यूज फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इस वजह से अधिकारी तुरंत एक्शन में आए। अब पुलिस संबंधित आरोपियों की तलाश में छापामारी कर रही है।
