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Indore News: भोपाल में 1 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी, इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, ऐसे चलता था पूरा रैकेट
Sat, 01 Feb 2025 08:49 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 01 Feb 2025 08:49 PM IST
सार
Indore News: इंदौर क्राइम ब्रांच ने भोपाल में 1 करोड़ से ज्यादा कीमत की अवैध अल्प्राजोलम टैबलेट और कोडीन सिरप की बड़ी खेप पकड़ी है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो प्रदेशभर में नशीली दवाओं की सप्लाई कर रहे थे।
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क्राइम ब्रांच ने आरोपी अमर, अमन और आकाश को गिरफ्तार किया है।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर क्राइम ब्रांच ने भोपाल में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की अवैध अल्प्राजोलम टैबलेट और कोडीन सिरप की खेप जब्त की है। इस ऑपरेशन में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो लंबे समय से नशीली दवाओं की तस्करी में लिप्त थे। यह पूरी कार्रवाई शुक्रवार रात को अंजाम दी गई, जिसकी जानकारी शनिवार को मीडिया को दी गई।
डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कुछ दिनों पहले इंदौर निवासी मोइनुद्दीन उर्फ मोना और शावेज को 360 नग कोडीन सिरप के साथ गिरफ्तार किया गया था। वहीं, दूसरी कार्रवाई में इंदौर निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू यादव को 1950 नग अल्प्राजोलम टैबलेट के साथ पकड़ा गया। जब इन आरोपियों से गहन पूछताछ की गई तो उनकी सप्लाई चेन की जानकारी सामने आई, जिससे पता चला कि इस नेटवर्क की जड़ें भोपाल तक फैली हुई हैं। इसके आधार पर पुलिस ने भोपाल में छापा मारकर बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की।
इस ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच ने भोपाल के हनुमानगंज इलाके में एक गोडाउन पर दबिश दी, जो थाने से मात्र 100-200 मीटर की दूरी पर था। वहां से 12 कार्टून बॉक्स में भरी 9 लाख 30 हजार अल्प्राजोलम टैबलेट और 40 कार्टून बॉक्स में रखी 5,240 कोडीन सिरप की बोतलें जब्त की गईं। इंदौर से आई क्राइम ब्रांच की टीम शुक्रवार रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच मौके पर पहुंची और पूरी रात इस कार्रवाई को अंजाम दिया। शनिवार सुबह 7 बजे तक पूरी जब्ती की वीडियो ग्राफी की गई, और फिर दोपहर 12 बजे आरोपियों को इंदौर लाया गया। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा शनिवार दोपहर 3:30 बजे किया।
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आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि वे सुबह 9 बजे से पहले और रात 9 बजे के बाद ही बड़ी मात्रा में माल की डिलीवरी करते थे। दिन में इस पूरे व्यापार को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता था, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। आरोपियों ने सतना, रीवा सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मादक पदार्थों की सप्लाई की थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से और पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
सतना और भोपाल के निवासी हैं आरोपी
क्राइम ब्रांच की टीम ने सतना निवासी अमर सिंह और भोपाल निवासी अमन रावत, आकाश जैन को गिरफ्तार किया है। अमर सिंह ने बीएससी की पढ़ाई की है। पूर्व में गिरफ्तार हुए आरोपियों को अमर कोडीन सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट कई गुना ज्यादा दामों पर सप्लाई करता था। सप्लाई के लिए उसे दवाइयां अमन रावत उपलब्ध कराता था। अमन ने बीकॉम की पढ़ाई की है और मेडिकल दवाईयों की मार्केटिंग का काम पिछले 9 सालों से कर रहा है। जल्दी पैसा कमाने के लिए ये होलसेल व्यापारी आकाश से अवैध मादक पदार्थ लाकर अमर के माध्यम से सप्लाई करता था। आकाश स्वस्तिक इंटरप्राइजेस के नाम से संचालित मेडिकल ड्रग्स का होलसेल व्यापारी है। एमबीए की पढ़ाई की है। व्यापार की आड़ में कोविड के बाद से ही जल्दी पैसा कमाने की नीयत से प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टैबलेट और कोडीन सिरप अवैध रूप से सप्लाई करता था। नशा करने वालों को कई गुना दाम में अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई करता था।
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डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कुछ दिनों पहले इंदौर निवासी मोइनुद्दीन उर्फ मोना और शावेज को 360 नग कोडीन सिरप के साथ गिरफ्तार किया गया था। वहीं, दूसरी कार्रवाई में इंदौर निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू यादव को 1950 नग अल्प्राजोलम टैबलेट के साथ पकड़ा गया। जब इन आरोपियों से गहन पूछताछ की गई तो उनकी सप्लाई चेन की जानकारी सामने आई, जिससे पता चला कि इस नेटवर्क की जड़ें भोपाल तक फैली हुई हैं। इसके आधार पर पुलिस ने भोपाल में छापा मारकर बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की।
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इस ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच ने भोपाल के हनुमानगंज इलाके में एक गोडाउन पर दबिश दी, जो थाने से मात्र 100-200 मीटर की दूरी पर था। वहां से 12 कार्टून बॉक्स में भरी 9 लाख 30 हजार अल्प्राजोलम टैबलेट और 40 कार्टून बॉक्स में रखी 5,240 कोडीन सिरप की बोतलें जब्त की गईं। इंदौर से आई क्राइम ब्रांच की टीम शुक्रवार रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच मौके पर पहुंची और पूरी रात इस कार्रवाई को अंजाम दिया। शनिवार सुबह 7 बजे तक पूरी जब्ती की वीडियो ग्राफी की गई, और फिर दोपहर 12 बजे आरोपियों को इंदौर लाया गया। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा शनिवार दोपहर 3:30 बजे किया।
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आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि वे सुबह 9 बजे से पहले और रात 9 बजे के बाद ही बड़ी मात्रा में माल की डिलीवरी करते थे। दिन में इस पूरे व्यापार को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता था, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। आरोपियों ने सतना, रीवा सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मादक पदार्थों की सप्लाई की थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से और पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
सतना और भोपाल के निवासी हैं आरोपी
क्राइम ब्रांच की टीम ने सतना निवासी अमर सिंह और भोपाल निवासी अमन रावत, आकाश जैन को गिरफ्तार किया है। अमर सिंह ने बीएससी की पढ़ाई की है। पूर्व में गिरफ्तार हुए आरोपियों को अमर कोडीन सिरप और अल्प्राजोलम टैबलेट कई गुना ज्यादा दामों पर सप्लाई करता था। सप्लाई के लिए उसे दवाइयां अमन रावत उपलब्ध कराता था। अमन ने बीकॉम की पढ़ाई की है और मेडिकल दवाईयों की मार्केटिंग का काम पिछले 9 सालों से कर रहा है। जल्दी पैसा कमाने के लिए ये होलसेल व्यापारी आकाश से अवैध मादक पदार्थ लाकर अमर के माध्यम से सप्लाई करता था। आकाश स्वस्तिक इंटरप्राइजेस के नाम से संचालित मेडिकल ड्रग्स का होलसेल व्यापारी है। एमबीए की पढ़ाई की है। व्यापार की आड़ में कोविड के बाद से ही जल्दी पैसा कमाने की नीयत से प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टैबलेट और कोडीन सिरप अवैध रूप से सप्लाई करता था। नशा करने वालों को कई गुना दाम में अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई करता था।
