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Indore News: खजराना गणेश मंदिर की दानपेटियां खुलीं; 1.21 करोड़ की नकदी, विदेशी मुद्रा और आभूषण मिले
Fri, 14 Mar 2025 04:32 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 14 Mar 2025 04:32 PM IST
सार
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर की दानपेटियों से अब तक 1.21 करोड़ रुपये नकद, आभूषण और विदेशी मुद्रा मिली है। भक्तों ने नोटबंदी के पुराने नोट भी चढ़ाए। गणना 6 मार्च से जारी है। दान राशि मंदिर व्यवस्थाओं में उपयोग होगी। पिछली बार 1.75 करोड़ का चढ़ावा मिला था।
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खजराना गणेश मंदिर
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विस्तार
इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में भक्तों द्वारा अर्पित दान की गणना जारी है। अब तक की गिनती में मंदिर को 1.21 करोड़ रुपये नकद प्राप्त हुए हैं, जबकि बड़ी मात्रा में आभूषण भी चढ़ावे में मिले हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार दानपेटियों में पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट भी मिले हैं, जिनकी कुल कीमत 9,500 रुपये है। ये नोट 2016 की नोटबंदी के बाद चलन से बाहर हो चुके हैं।
6 मार्च से जारी है गिनती
मंदिर समिति द्वारा 6 मार्च से शुरू की गई इस गणना प्रक्रिया में 15 सदस्यीय टीम कार्यरत है। नकदी को मशीनों के माध्यम से गिना जा रहा है और सौ-सौ नोटों की गड्डियां बनाकर बैंक में जमा किया जाएगा। समिति का कहना है कि दान में प्राप्त राशि और आभूषणों का उपयोग मंदिर की व्यवस्थाओं और सेवाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। हमेशा की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की मनोकामना से जुड़ी चिट्ठियां दानपेटियों में मिली हैं।
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6 मार्च से जारी है गिनती
मंदिर समिति द्वारा 6 मार्च से शुरू की गई इस गणना प्रक्रिया में 15 सदस्यीय टीम कार्यरत है। नकदी को मशीनों के माध्यम से गिना जा रहा है और सौ-सौ नोटों की गड्डियां बनाकर बैंक में जमा किया जाएगा। समिति का कहना है कि दान में प्राप्त राशि और आभूषणों का उपयोग मंदिर की व्यवस्थाओं और सेवाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। हमेशा की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की मनोकामना से जुड़ी चिट्ठियां दानपेटियों में मिली हैं।
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इंदौर खजराना गणेश मंदिर में चढ़ावा राशि की गिनती जारी है।
- फोटो : सोशल मीडिया
चढ़ावे में विदेशी मुद्रा और अनोखी भेंटें
इस बार दानपेटियों से विदेशी मुद्रा, आभूषणों के अलावा कुछ रोचक चीजें भी सामने आई हैं। किसी श्रद्धालु ने महंगी लेडीज वॉच चढ़ावे में अर्पित की है, जबकि कई भक्तों द्वारा लिखी गई मनोकामना की चिट्ठियां भी मिली हैं। दान में डॉलर और दिरहम जैसी विदेशी मुद्राएं भी प्राप्त हुई हैं, जिनकी गणना अभी जारी है।
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पिछली बार 1.75 करोड़ का चढ़ावा मिला था
मंदिर समिति के असिस्टेंट मैनेजर गौरी शंकर मिश्रा के अनुसार, पिछली बार तीन महीनों में मंदिर को 1.75 करोड़ रुपये की दान राशि प्राप्त हुई थी। इस बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के चलते दानपेटियां अपेक्षाकृत जल्दी खोली गईं, और सवा दो माह में ही 1.21 करोड़ रुपये की राशि गिनी जा चुकी है। यह पहली बार नहीं है जब मंदिर में बंद हो चुके नोट चढ़ाए गए हों। दो साल पहले भक्तों ने 2 लाख रुपये के 2,000 रुपये के नोट दान किए थे, जबकि पिछले वर्ष सितंबर में 1.58 लाख रुपये मूल्य के ऐसे ही नोट चढ़ावे में मिले थे। दानपेटियों से प्राप्त राशि और आभूषणों का उपयोग मंदिर के विकास कार्यों और भक्तों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
इस बार दानपेटियों से विदेशी मुद्रा, आभूषणों के अलावा कुछ रोचक चीजें भी सामने आई हैं। किसी श्रद्धालु ने महंगी लेडीज वॉच चढ़ावे में अर्पित की है, जबकि कई भक्तों द्वारा लिखी गई मनोकामना की चिट्ठियां भी मिली हैं। दान में डॉलर और दिरहम जैसी विदेशी मुद्राएं भी प्राप्त हुई हैं, जिनकी गणना अभी जारी है।
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पिछली बार 1.75 करोड़ का चढ़ावा मिला था
मंदिर समिति के असिस्टेंट मैनेजर गौरी शंकर मिश्रा के अनुसार, पिछली बार तीन महीनों में मंदिर को 1.75 करोड़ रुपये की दान राशि प्राप्त हुई थी। इस बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के चलते दानपेटियां अपेक्षाकृत जल्दी खोली गईं, और सवा दो माह में ही 1.21 करोड़ रुपये की राशि गिनी जा चुकी है। यह पहली बार नहीं है जब मंदिर में बंद हो चुके नोट चढ़ाए गए हों। दो साल पहले भक्तों ने 2 लाख रुपये के 2,000 रुपये के नोट दान किए थे, जबकि पिछले वर्ष सितंबर में 1.58 लाख रुपये मूल्य के ऐसे ही नोट चढ़ावे में मिले थे। दानपेटियों से प्राप्त राशि और आभूषणों का उपयोग मंदिर के विकास कार्यों और भक्तों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
