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Indore News: पत्नी की नौकरी के लिए डॉक्टर ने दिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए, रेलवे के नाम पर हो गई ठगी
Wed, 03 Sep 2025 05:09 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 03 Sep 2025 05:09 PM IST
सार
Indore News: इंदौर में डॉक्टर से फर्जी नौकरी का झांसा देकर 1.72 करोड़ रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है। डॉक्टर की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने राकेश सुमन और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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प्रतिकात्मक फोटो - AI
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर क्राइम ब्रांच ने राजेंद्र नगर में रहने वाले डॉक्टर की शिकायत पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत मई माह में दर्ज कराई गई थी। जांच पूरी होने के बाद मंगलवार देर रात राकेश सुमन और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
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नौकरी का झांसा देकर की ठगी
डॉ. सुभाष, निवासी शिवसिटी का आरोप है कि राकेश और उसके सहयोगियों ने उनकी पत्नी को रेलवे और आर्कियोलॉजी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 1 करोड़ 72 लाख रुपए की ठगी की। आरोपियों ने न केवल नकद और बैंक ट्रांजैक्शन से रकम ली, बल्कि फर्जी नियुक्ति पत्र और परिचय पत्र भी थमाए।
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ऐसे हुई थी पहचान
डॉ. सुभाष की पहचान राकेश सुमन से 2018 में इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में हुई थी। राकेश ने खुद को रेलवे विभाग का अधिकारी बताया और उनकी पत्नी की नौकरी लगवाने का वादा किया। बाद में उसने रत्ना तिवारी, सीमा तिवारी और उर्मिला तिवारी से मिलवाया, जो खुद को रेलवे अफसर बताती थीं। इसके अलावा डीके सिंह, लाल बहादुर सक्सेना और मनोज कुर्मी से भी परिचय कराया, जो सभी फर्जी अधिकारी साबित हुए।
रिश्वत और क्लीयरेंस के नाम पर वसूली
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 2018 से 2024 तक राकेश ने हर बार नए-नए बहानों से रकम वसूली। कभी नौकरी की प्रक्रिया का खर्च, कभी रिश्वत, तो कभी सीबीआई क्लीयरेंस या जननी सुरक्षा योजना के नाम पर पैसे मांगे। इस दौरान उनकी पत्नी और अन्य रिश्तेदारों से भी मोटी रकम हड़पी गई।
फर्जी दस्तावेजों से बनाया भरोसा
आरोपियों ने ठगी को अंजाम देने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र, प्रमोशन लेटर, रेलवे आईडी कार्ड और सीबीआई नोटिस तक तैयार किए थे। यहां तक कि सरकारी नंबरों से कॉल लगवाकर डॉक्टर को विश्वास में लिया गया।
भोपाल में भी दर्ज थी शिकायत
इस मामले में 2024 में भोपाल के टीटी नगर थाने में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अंततः इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज हुई और अब सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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डॉ. सुभाष, निवासी शिवसिटी का आरोप है कि राकेश और उसके सहयोगियों ने उनकी पत्नी को रेलवे और आर्कियोलॉजी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 1 करोड़ 72 लाख रुपए की ठगी की। आरोपियों ने न केवल नकद और बैंक ट्रांजैक्शन से रकम ली, बल्कि फर्जी नियुक्ति पत्र और परिचय पत्र भी थमाए।
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ऐसे हुई थी पहचान
डॉ. सुभाष की पहचान राकेश सुमन से 2018 में इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में हुई थी। राकेश ने खुद को रेलवे विभाग का अधिकारी बताया और उनकी पत्नी की नौकरी लगवाने का वादा किया। बाद में उसने रत्ना तिवारी, सीमा तिवारी और उर्मिला तिवारी से मिलवाया, जो खुद को रेलवे अफसर बताती थीं। इसके अलावा डीके सिंह, लाल बहादुर सक्सेना और मनोज कुर्मी से भी परिचय कराया, जो सभी फर्जी अधिकारी साबित हुए।
रिश्वत और क्लीयरेंस के नाम पर वसूली
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 2018 से 2024 तक राकेश ने हर बार नए-नए बहानों से रकम वसूली। कभी नौकरी की प्रक्रिया का खर्च, कभी रिश्वत, तो कभी सीबीआई क्लीयरेंस या जननी सुरक्षा योजना के नाम पर पैसे मांगे। इस दौरान उनकी पत्नी और अन्य रिश्तेदारों से भी मोटी रकम हड़पी गई।
फर्जी दस्तावेजों से बनाया भरोसा
आरोपियों ने ठगी को अंजाम देने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र, प्रमोशन लेटर, रेलवे आईडी कार्ड और सीबीआई नोटिस तक तैयार किए थे। यहां तक कि सरकारी नंबरों से कॉल लगवाकर डॉक्टर को विश्वास में लिया गया।
भोपाल में भी दर्ज थी शिकायत
इस मामले में 2024 में भोपाल के टीटी नगर थाने में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अंततः इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज हुई और अब सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
