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Indore News: बैंक के अधिकारियों ने ग्राहकों के करोड़ों रुपए निकाले, महंगे गैजेट्स और सोना खरीदा
Thu, 09 Jan 2025 03:30 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 09 Jan 2025 03:30 PM IST
सार
Indore News: इंदौर में हुई वारदात ने बैंकिंग सिस्टम पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्राहकों के खातों से करोड़ों रुपए निकाल लिए और इसके लिए बैंक के ही साफ्टवेयर का उपयोग किया।
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इंदौर में पकड़ाए आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में बैंकिग सिस्टम की सुविधा का दुरुपयोग कर, लोगों के साथ करोड़ों रुपये के बैंकिंग फ्रॉड करने वाले बैंक कर्मचारियों के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरोह ने इंदौर सहित पंजाब, गुजरात, तेलंगाना के करीब 01 दर्जन व्यापारियों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। ICICI बैंक के कर्मचारियों को पुलिस थाना विजय नगर ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि ICICI बैंक विनवे वल्ड ऑफिस विजयनगर में आरोपी नौकरी करते थे। वहीं से उन्होंने इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। ICICI के एक कर्मचारी ने खुद पासवर्ड बदल लिए और एक दर्जन खातों से आनलाइन शॉपिंग कर लाखों रुपये कीमत के एप्पल-16 प्रोमेक्स, सैमसंग एस-24 अल्ट्रा जैसे मोबाइल फोन और गोल्ड खरीदे।
आंध्र प्रदेश में जाकर सिम तोड़ी
मास्टर माइंड आरोपी कमल है और उसका बैंक सहकर्मी अभिषेक इस घोटाले के लिए आंध्रप्रदेश से फर्जी सिमकार्ड लाया था। सिमकार्ड देने वाला पाइंट ऑफ सेल का कर्मचारी भी गिरफ्तार हो गया है। पुलिस ने बताया आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए घटना में प्रयुक्त सिमकार्ड आंध्रप्रदेश से लिए ताकि लोकेशन आंध्रा की आए। इसके लिए फ्लाइट से साथी लवदीप को वापस आंध्रप्रदेश भेजा। लवदीप ने आंध्रप्रदेश में जाकर फिर से सिमकार्ड नष्ट किए।
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कैसे हुआ खुलासा
आईसीआईसीआई बैंक विनवे वल्ड इंदौर द्वारा थाना विजयनगर में शिकायत की गई थी। शिकायत में बताया गया कि बैंक के दर्जन भर करंट अकाउंट खातों से बिना ओ.टी.पी. /पासवर्ड बताए आनलाइन बैंकिग के माध्यम से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इस पर थाना विजयनगर पर अप. क्र. 851/24 धोखाधड़ी की धाराओं में पंजीबद्द कर जांच में लिया गया। पुलिस उपायुक्त जोन 2 अभिनय विश्वकर्मा और अति. पुलिस उपायुक्त जोन 2 अमरेंद्र सिंह, एसीपी विजयनगर आदित्य पटले (आईपीएस) द्वारा थाना प्रभारी विजयनगर चंद्रकांत पटेल को शीघ्र प्रकरण की जांच करने के आदेश दिए गए।
आरोपियों ने एपल के महंगे फोन और गैजेट्स खरीदे
थाना प्रभारी विजयनगर के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया और घटना में संलिप्त ICICI बैंक कर्मचारी कमल कुमावत, अभिषेक मालवीय, स्टेनली जैकब व उनके साथी लवदीप सिंह को दिनांक 08/01/2024 की रात्रि में गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से करीब 20 लाख रुपये कीमत के महंगे एप्पल 16 प्रोमैक्स, सैमसंग एस 24 अल्ट्रा, जेड फ्लिप 6, स्मार्ट वाचेज, गैमिग प्लेस्टेशन आदि जप्त किए गए हैं। सभी खाता धारकों की करीब 52 लाख रुपये की धनराशी भी वापस कराई गई है। तीनों आरोपियों ने तनिष्क एप से ई गोल्ड भी खरीदा था।
बैंक के साफ्टवेयर का ही उपयोग किया
पुलिस ने बताया कि आरोपी कमल कुमावत ICICI विनवे वल्ड ऑफिस विजयनगर में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्य करता था। विभिन्न शहरों से कस्टमर के कॉल आने पर उनकी समस्याओं का निवारण करने का कार्य आरोपी कमल के पास था। काम के लिए आरोपी कमल को ICICI बैंक के आई. व्यू सॉफ्टवेयर में कस्टमर्स के खातों के ट्रांजेक्शन्स के ओ.टी.पी. जाते दिखाई दिए तब आरोपी के मन में लालच आ गया और कुछ दिन बाद ICICI विनवे वल्ड ऑफिस में कार्य के दौरान आरोपी कमल कुमावत ने एक करंट अकाउंट में अच्छा बैलेंस देखकर ICICI बैंक के आई. व्यू सॉफ्टवेयर में से कस्टमर का यूजर आई.डी. देखकर अपने मोबाइल फोन में ICICI बैंक की इंटरनेट बैंकिग साइट खोलकर यूजर आई.डी. डालकर फोरगेट पासवर्ड किया गया। इसके बाद बैंकिग सर्वर से पासवर्ड रिसेट के लिए ओ.टी.पी. कस्टमर को भेजा गया जो आरोपी कमल कुमावत को बैंक के आई. व्यू सॉफ्टवेयर में दिखाई दिया, उक्त ओ.टी.पी. से अपराध कर लिया गया।
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आंध्र प्रदेश में जाकर सिम तोड़ी
मास्टर माइंड आरोपी कमल है और उसका बैंक सहकर्मी अभिषेक इस घोटाले के लिए आंध्रप्रदेश से फर्जी सिमकार्ड लाया था। सिमकार्ड देने वाला पाइंट ऑफ सेल का कर्मचारी भी गिरफ्तार हो गया है। पुलिस ने बताया आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए घटना में प्रयुक्त सिमकार्ड आंध्रप्रदेश से लिए ताकि लोकेशन आंध्रा की आए। इसके लिए फ्लाइट से साथी लवदीप को वापस आंध्रप्रदेश भेजा। लवदीप ने आंध्रप्रदेश में जाकर फिर से सिमकार्ड नष्ट किए।
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कैसे हुआ खुलासा
आईसीआईसीआई बैंक विनवे वल्ड इंदौर द्वारा थाना विजयनगर में शिकायत की गई थी। शिकायत में बताया गया कि बैंक के दर्जन भर करंट अकाउंट खातों से बिना ओ.टी.पी. /पासवर्ड बताए आनलाइन बैंकिग के माध्यम से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुई है। इस पर थाना विजयनगर पर अप. क्र. 851/24 धोखाधड़ी की धाराओं में पंजीबद्द कर जांच में लिया गया। पुलिस उपायुक्त जोन 2 अभिनय विश्वकर्मा और अति. पुलिस उपायुक्त जोन 2 अमरेंद्र सिंह, एसीपी विजयनगर आदित्य पटले (आईपीएस) द्वारा थाना प्रभारी विजयनगर चंद्रकांत पटेल को शीघ्र प्रकरण की जांच करने के आदेश दिए गए।
आरोपियों ने एपल के महंगे फोन और गैजेट्स खरीदे
थाना प्रभारी विजयनगर के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया और घटना में संलिप्त ICICI बैंक कर्मचारी कमल कुमावत, अभिषेक मालवीय, स्टेनली जैकब व उनके साथी लवदीप सिंह को दिनांक 08/01/2024 की रात्रि में गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से करीब 20 लाख रुपये कीमत के महंगे एप्पल 16 प्रोमैक्स, सैमसंग एस 24 अल्ट्रा, जेड फ्लिप 6, स्मार्ट वाचेज, गैमिग प्लेस्टेशन आदि जप्त किए गए हैं। सभी खाता धारकों की करीब 52 लाख रुपये की धनराशी भी वापस कराई गई है। तीनों आरोपियों ने तनिष्क एप से ई गोल्ड भी खरीदा था।
बैंक के साफ्टवेयर का ही उपयोग किया
पुलिस ने बताया कि आरोपी कमल कुमावत ICICI विनवे वल्ड ऑफिस विजयनगर में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्य करता था। विभिन्न शहरों से कस्टमर के कॉल आने पर उनकी समस्याओं का निवारण करने का कार्य आरोपी कमल के पास था। काम के लिए आरोपी कमल को ICICI बैंक के आई. व्यू सॉफ्टवेयर में कस्टमर्स के खातों के ट्रांजेक्शन्स के ओ.टी.पी. जाते दिखाई दिए तब आरोपी के मन में लालच आ गया और कुछ दिन बाद ICICI विनवे वल्ड ऑफिस में कार्य के दौरान आरोपी कमल कुमावत ने एक करंट अकाउंट में अच्छा बैलेंस देखकर ICICI बैंक के आई. व्यू सॉफ्टवेयर में से कस्टमर का यूजर आई.डी. देखकर अपने मोबाइल फोन में ICICI बैंक की इंटरनेट बैंकिग साइट खोलकर यूजर आई.डी. डालकर फोरगेट पासवर्ड किया गया। इसके बाद बैंकिग सर्वर से पासवर्ड रिसेट के लिए ओ.टी.पी. कस्टमर को भेजा गया जो आरोपी कमल कुमावत को बैंक के आई. व्यू सॉफ्टवेयर में दिखाई दिया, उक्त ओ.टी.पी. से अपराध कर लिया गया।
