फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News: Court Acquits Accused in Indore Stepwell Tragedy that Claimed 36 Lives

Indore News: इंदौर बावड़ी हादसे में आरोपी बरी, 36 लोगों की मौत में कोई दोषी नहीं

Thu, 03 Apr 2025 09:47 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Thu, 03 Apr 2025 09:47 PM IST
सार

Indore News: पुलिस द्वारा सही तरीके से जांच न किए जाने की वजह से आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले। कोर्ट ने टिप्पणी की कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को आरोपी बनाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। 

विज्ञापन
Indore News: Court Acquits Accused in Indore Stepwell Tragedy that Claimed 36 Lives
बावड़ी वाला मंदिर - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

इंदौर के चर्चित बावड़ी हादसे में 36 लोगों की मौत के बाद जिला कोर्ट ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। यह घटना 30 मार्च 2023 को घटित हुई थी। इस मामले में विडंबना यह रही कि पुलिस ने इस गंभीर घटना की सही तरीके से जांच नहीं की। कोर्ट ने अपने फैसले में यह टिप्पणी की कि पुलिस को नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को भी आरोपी बनाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वहीं, गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ भी अपराध साबित नहीं हो सका।
विज्ञापन

विज्ञापन


इस मामले में जूनी इंदौर पुलिस ने श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली गलानी के खिलाफ गैरइरादतन हत्या समेत अन्य आरोपों के तहत केस दर्ज किया था। दोनों को 22 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वे जेल में बंद हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद उन पर कार्रवाई की थी, हालांकि अब अदालत ने दोनों को बरी कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मजिस्ट्रियल जांच और पुलिस की लापरवाही
आरोपियों के एडवोकेट राघवेंद्र सिंह बैस ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रियल जांच हुई थी, और इसके बाद पुलिस ने चालान पेश किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने केवल ट्रस्ट के इन दोनों पदाधिकारियों को आरोपी बनाया, जबकि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को आरोपी नहीं माना। मामले में 33 गवाहों की गवाही ली गई, जिसमें यह सामने आया कि ट्रस्ट के अध्यक्ष और सचिव की इस हादसे में कोई लापरवाही नहीं थी।

कोर्ट की टिप्पणी और ट्रस्ट की भूमिका
कोर्ट ने विवेचना अधिकारियों और निगम अधिकारियों की लापरवाही को लेकर कड़ी टिप्पणी की। केस में पुलिस ने सही तरीके से जांच नहीं की और ट्रस्ट के पदाधिकारियों की लापरवाही इसलिए नहीं मानी क्योंकि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वहां बावड़ी है। घटना रामनवमी के दिन हुई थी, और उस दिन ट्रस्ट का वहां कोई आयोजन नहीं था। वहां केवल त्योहार के कारण पूजा-पाठ हो रहे थे, और इस हादसे से ट्रस्ट का कोई संबंध नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed