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भागीरथपुरा कांड: रोज बढ़ रहा मौत का आंकड़ा, अब भी 32 मरीज जिंदगी के लिए कर रहे संघर्ष; 1400+ आ चुके चपेट में
Fri, 02 Jan 2026 08:58 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 02 Jan 2026 08:58 PM IST
सार
Indore News: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण 1,400 से अधिक लोग डायरिया की चपेट में हैं और मौतों के आंकड़ों को लेकर विरोधाभास बना हुआ है। वर्तमान में दर्जनों मरीज आईसीयू में भर्ती हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
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पुष्यमित्र भार्गव और इनसेट में गंदे पानी से जान गंवाने वाला अव्यान
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण आज 15वीं जान चली गई। हर दिन के साथ लोगों की मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 7 दिनों के भीतर भागीरथपुरा में 1,400 से अधिक लोग उल्टी और दस्त की चपेट में आए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 272 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 62 को छुट्टी मिल चुकी है। वर्तमान में 210 मरीज उपचाराधीन हैं, जिनमें से 32 की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
आंकड़ों में विरोधाभास
वहीं मौत के आंकड़ों में विरोधाभास भी शहर के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करता है। शहर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को इस बीमारी से 10 लोगों की मौत होने की जानकारी साझा की है। हालांकि, स्थानीय निवासियों का दावा इससे कहीं अधिक गंभीर है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार, एक मासूम बच्चे सहित अब तक कुल 15 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके विपरीत, प्रशासन ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के दौरान केवल 4 मौतों की ही बात स्वीकार की है।
मेयर और स्वास्थ्य विभाग के दावों में अंतर
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि आधिकारिक आंकड़ों में भले ही कम मौतें दर्ज हों, लेकिन उनके पास मौजूद जानकारी 10 मौतों की पुष्टि करती है। जब उनसे इलाके में हैजा फैलने की आशंका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसकी तकनीकी पुष्टि केवल स्वास्थ्य विभाग ही कर सकता है। वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने माना कि मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में पानी के दूषित होने की पुष्टि हुई है, लेकिन उन्होंने रिपोर्ट के विस्तृत तथ्यों को साझा नहीं किया है।
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कलेक्टर बोले 5 मौत की पुष्टि
इंदौर जिले के कलेक्टर शिवम वर्मा ने शुक्रवार को कहा कि पानी में मिलावट की घटना में अब तक आधिकारिक तौर पर पांच मौतें हुई हैं, जबकि अस्पताल में भर्ती मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 210 हो गई है।
शौचालय के नीचे लीकेज से फैला जहर
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पेयजल पाइपलाइन में लीकेज था। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर लीकेज पाया गया, उसके ठीक ऊपर एक शौचालय बना हुआ था। इसी वजह से सीवेज का गंदा पानी पीने के पानी की लाइन में मिल गया, जो इस बड़े प्रकोप का मुख्य कारण बना।
मौत के आंकड़ों में विरोधाभास
4 मौत की जानकारी दी है प्रशासन ने हाईकोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के हवाले से।
10 मौतें हुई हैं मेयर (पुष्यमित्र भार्गव) के अनुसार।
15 मौतें हुई रहवासियों के मुताबिक (इसमें एक 6 महीने का बच्चा भी शामिल है)।
अब भी आईसीयू में जीवन का संघर्ष जारी
32 मरीज अभी भी आईसीयू में भर्ती
1,400 से अधिक लोग उल्टी-दस्त से प्रभावित हुए।
272 मरीजों को भर्ती किया गया था।
62 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।
210 मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
32 मरीज आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं।
1 सप्ताह से गंदे पानी का प्रकोप जारी है।
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आंकड़ों में विरोधाभास
वहीं मौत के आंकड़ों में विरोधाभास भी शहर के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करता है। शहर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को इस बीमारी से 10 लोगों की मौत होने की जानकारी साझा की है। हालांकि, स्थानीय निवासियों का दावा इससे कहीं अधिक गंभीर है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार, एक मासूम बच्चे सहित अब तक कुल 15 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके विपरीत, प्रशासन ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के दौरान केवल 4 मौतों की ही बात स्वीकार की है।
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मेयर और स्वास्थ्य विभाग के दावों में अंतर
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि आधिकारिक आंकड़ों में भले ही कम मौतें दर्ज हों, लेकिन उनके पास मौजूद जानकारी 10 मौतों की पुष्टि करती है। जब उनसे इलाके में हैजा फैलने की आशंका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसकी तकनीकी पुष्टि केवल स्वास्थ्य विभाग ही कर सकता है। वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने माना कि मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में पानी के दूषित होने की पुष्टि हुई है, लेकिन उन्होंने रिपोर्ट के विस्तृत तथ्यों को साझा नहीं किया है।
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कलेक्टर बोले 5 मौत की पुष्टि
इंदौर जिले के कलेक्टर शिवम वर्मा ने शुक्रवार को कहा कि पानी में मिलावट की घटना में अब तक आधिकारिक तौर पर पांच मौतें हुई हैं, जबकि अस्पताल में भर्ती मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 210 हो गई है।
शौचालय के नीचे लीकेज से फैला जहर
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पेयजल पाइपलाइन में लीकेज था। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर लीकेज पाया गया, उसके ठीक ऊपर एक शौचालय बना हुआ था। इसी वजह से सीवेज का गंदा पानी पीने के पानी की लाइन में मिल गया, जो इस बड़े प्रकोप का मुख्य कारण बना।
मौत के आंकड़ों में विरोधाभास
4 मौत की जानकारी दी है प्रशासन ने हाईकोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के हवाले से।
10 मौतें हुई हैं मेयर (पुष्यमित्र भार्गव) के अनुसार।
15 मौतें हुई रहवासियों के मुताबिक (इसमें एक 6 महीने का बच्चा भी शामिल है)।
अब भी आईसीयू में जीवन का संघर्ष जारी
32 मरीज अभी भी आईसीयू में भर्ती
1,400 से अधिक लोग उल्टी-दस्त से प्रभावित हुए।
272 मरीजों को भर्ती किया गया था।
62 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।
210 मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
32 मरीज आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं।
1 सप्ताह से गंदे पानी का प्रकोप जारी है।
