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Indore News: बिना वर्दी के ट्रैफिक संभाल रहे हजारों इंदौरी, जन आंदोलन का रूप ले रहा 'ट्रैफिक प्रहरी' अभियान
Wed, 06 May 2026 06:20 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Wed, 06 May 2026 06:20 AM IST
सार
Indore News: इंदौर पुलिस द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए "ट्रैफिक प्रहरी" अभियान चलाया जा रहा है, जिससे अब तक 3620 नागरिक जुड़ चुके हैं। यह स्वयंसेवक पीक आवर्स के दौरान पुलिस के साथ मिलकर चौराहों पर ट्रैफिक संभालते हैं।
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स्वयंसेवकों को शील्ड, प्रशस्ति पत्र और उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से इंदौर पुलिस द्वारा संचालित किया जा रहा विशेष “ट्रैफिक प्रहरी” अभियान अब एक जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस मुहिम से अब तक शहर के कुल 3620 जागरूक नागरिक जुड़ चुके हैं। ये स्वयंसेवक शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात होकर यातायात पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर व्यवस्था संभालने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर ने की जागरूक नागरिकों की सराहना
इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शहर के जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बड़ी संख्या में इस पहल का हिस्सा बन रहे हैं। पुलिस विभाग द्वारा इन नागरिकों के उत्साहवर्धन हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को बेहतर यातायात प्रबंधन में सराहनीय कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को शील्ड, प्रशस्ति पत्र और उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस प्रशासन का मानना है कि जनता की भागीदारी से ही यातायात के नियमों का पालन अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सकता है।
सहभागिता बढ़ाने के लिए लिया तकनीक का सहारा
पुलिस कमिश्नर ने आमजन को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि इस मुहिम का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों को यातायात प्रबंधन और नियमों के पालन की प्रक्रिया में सीधे तौर पर सहभागी बनाना है। अभियान का हिस्सा बनने की प्रक्रिया को भी बेहद सरल रखा गया है। इच्छुक व्यक्ति पुलिस द्वारा जारी किए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके गूगल फॉर्म भर सकते हैं। इसमें नागरिक अपनी सुविधानुसार समय और स्थान का चयन कर सकते हैं, जिससे उनकी दैनिक दिनचर्या प्रभावित न हो और वे ट्रैफिक प्रहरी के रूप में अपनी सेवाएं भी दे सकें।
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पीक आवर्स की चुनौतियों से निपटने की तैयारी
यातायात विभाग के अनुसार, शहर में सुबह 10 से 11 बजे और शाम 6 से 7 बजे के दौरान ट्रैफिक का दबाव अपने चरम पर होता है। इन पीक आवर्स में सीमित पुलिस बल के लिए हर मोड़ पर स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी समस्या के समाधान हेतु नागरिकों को जोड़ा जा रहा है, ताकि वे अपने घर या कार्यस्थल के आसपास के क्षेत्रों में यातायात संभालने में मदद कर सकें। ट्रैफिक प्रहरी न केवल पुलिस की सहायता कर रहे हैं, बल्कि आम जनता के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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पुलिस कमिश्नर ने की जागरूक नागरिकों की सराहना
इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शहर के जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बड़ी संख्या में इस पहल का हिस्सा बन रहे हैं। पुलिस विभाग द्वारा इन नागरिकों के उत्साहवर्धन हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को बेहतर यातायात प्रबंधन में सराहनीय कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को शील्ड, प्रशस्ति पत्र और उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस प्रशासन का मानना है कि जनता की भागीदारी से ही यातायात के नियमों का पालन अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सकता है।
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सहभागिता बढ़ाने के लिए लिया तकनीक का सहारा
पुलिस कमिश्नर ने आमजन को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि इस मुहिम का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों को यातायात प्रबंधन और नियमों के पालन की प्रक्रिया में सीधे तौर पर सहभागी बनाना है। अभियान का हिस्सा बनने की प्रक्रिया को भी बेहद सरल रखा गया है। इच्छुक व्यक्ति पुलिस द्वारा जारी किए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके गूगल फॉर्म भर सकते हैं। इसमें नागरिक अपनी सुविधानुसार समय और स्थान का चयन कर सकते हैं, जिससे उनकी दैनिक दिनचर्या प्रभावित न हो और वे ट्रैफिक प्रहरी के रूप में अपनी सेवाएं भी दे सकें।
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पीक आवर्स की चुनौतियों से निपटने की तैयारी
यातायात विभाग के अनुसार, शहर में सुबह 10 से 11 बजे और शाम 6 से 7 बजे के दौरान ट्रैफिक का दबाव अपने चरम पर होता है। इन पीक आवर्स में सीमित पुलिस बल के लिए हर मोड़ पर स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी समस्या के समाधान हेतु नागरिकों को जोड़ा जा रहा है, ताकि वे अपने घर या कार्यस्थल के आसपास के क्षेत्रों में यातायात संभालने में मदद कर सकें। ट्रैफिक प्रहरी न केवल पुलिस की सहायता कर रहे हैं, बल्कि आम जनता के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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