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Indore News: अभिनेता कुमुद मिश्रा ने कहा-मैं अपनी फिल्में नहीं देखता,क्योकि मुझे मेरी खामियां नजर आती है

Sat, 16 Dec 2023 02:30 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sat, 16 Dec 2023 02:30 PM IST
सार

कुमुद ने कहा कि मुझे थिएटर में मजा आता है। एक फिल्म के आडिशन के लिए मुंबई आया औरर जोगेश्वरी में कदम रखा तो मुझे लगा कि इस शहर से मुझे जाना नहीं है, लेकिन सिनेमा कही दिमाग में नहीं था।

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Indore News: Actor Kumud Mishra said - I do not watch my films because I see my flaws.
कुमुद मिश्रा लिट चौक में - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

लिट चौक सीजन-3 में प्रसिद्ध अभिनेता कुमुद मिश्रा ने कहा कि दर्शकों को भले ही मेरा काम पसंद आत हो, लेकिन मैं अपनी फिल्में नहीं देखता,क्योकि उसमें मुझे मेरी खामियां नजर आती है। राॅक स्टाॅर अच्छी फिल्म है। वह फिल्म मैने चार साल बाद देखी। फिल्म निर्माण के दौरान मुझे नहीं लग रहा था कि मैने अच्छा काम किया।

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मुबंई मुझे पंसद आया, लेकिन दिमाग में सिनेमा नहीं था

कुमुद ने कहा कि मुझे थिएटर में मजा आता है। एक फिल्म के आडिशन के लिए मुंबई आया औरर जोगेश्वरी में कदम रखा तो मुझे लगा कि इस शहर से मुझे जाना नहीं है, लेकिन सिनेमा कही दिमाग में नहीं था। इसका प्रमाण यह है कि सरदारी बेगम फिल्म करने की भूमिका के बाद दस साल सिनेमा नहीं किया। मैं टेलीविजन सिर्फ पैसे के लिए करता था। मेरी थिएटर की भूख पूरी हो रही थी। जब में टेलीविजन से उब गया तब सिनेमा की तरफ रुख किया।

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घटनाएं छूट जाती है, भाव साथ रहते है

अभिनेता मिश्रा ने कहा कि गांव, कस्बे से लेकर महानगर तक का जीवन जिया है। उसका अनुभव मुझे मेरे काम में मदद करता है। जब कोई किरदार करता हुं तो मुझे पता भी नहीं होता कि कब पिता, कोई रिश्तेदार, मित्र उस किरदार में शामिल हो जाते है। पढ़ने के शौक के बारे में कहा कि जितना पढ़ पाता हुं, पढ़ता हुं, लेकिन अजीब बात है कि भूल जाता हुं। सिर्फ भाव रह जाता है। घटनाएं छूट जाती है।

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इमोश्न ही साथ रहता है। मुझे लगता है कि किताबों के साथ समय बिताना जरुरी है। किताबें हमें जीवन देती है। भाषा के बारे में उन्होंने कहा कि अब भाषा अर्थ खोती जा रही है। संवाद करने के लिए हमें कोशिश करना पड़ती है। आजकल लोग इमोजी में बातें करते है। कोई गुजरता है तो हम जाने के बजाए आरआईपी लिख कर छुटकारा पा लेते है। कुमुद ने श्रोतागणों के सवालों के जवाब भी दिए।

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