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Indore News: सरकारी अस्पताल में जन्मी 5.43 किलो की बच्ची, बना MP का नया रिकॉर्ड
Fri, 18 Jul 2025 10:26 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 18 Jul 2025 10:26 PM IST
सार
Indore News: इंदौर के सरकारी पीसी सेठी अस्पताल में शुक्रवार को एक 24 वर्षीय महिला ने 5.43 किलो की बच्ची को जन्म दिया। यह अब तक मध्यप्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में जन्मा सबसे वजनी नवजात है।
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मां और बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हैं।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
शहर के सरकारी पीसी सेठी अस्पताल में शुक्रवार को एक असाधारण डिलीवरी हुई। यहां एक महिला ने 5.43 किलो वजनी नवजात बच्ची को जन्म दिया, जो अब तक मध्यप्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में जन्मा सबसे भारी बच्चा है। 24 वर्षीय मां रीता पति नंदकिशोर का वजन 90 किलो है और वह हाई ब्लड प्रेशर, प्री-एक्लेम्पसिया व शरीर में सूजन जैसी कई जटिल स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। डॉक्टरों ने मामले को हाई रिस्क बताते हुए सामान्य प्रसव को असंभव माना और सिजेरियन डिलीवरी की।
सर्जरी में डॉक्टरों की टीम की अहम भूमिका
गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. कोमल विजयवर्गीय के अनुसार यह मामला अत्यंत जटिल और उच्च जोखिम वाला था। डिलीवरी के बाद नवजात बच्ची की पल्स और ब्लड प्रेशर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। फिलहाल मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। इस जटिल सर्जरी में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सुनीता भटनागर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इससे पहले 2021 में मंडला में 5.1 किलो वजनी बच्चे का जन्म हुआ था, लेकिन अब इंदौर की यह डिलीवरी उस रिकॉर्ड को पार कर गई है।
सरकारी योजना के तहत मुफ्त में हुआ उपचार
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों और स्टाफ की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केस इस बात का प्रमाण है कि जननी सुरक्षा योजना जैसी सरकारी योजनाओं के तहत अब हाई रिस्क डिलीवरी भी सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित रूप से की जा रही हैं, जो पहले सिर्फ निजी अस्पतालों तक सीमित थीं।
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सर्जरी में डॉक्टरों की टीम की अहम भूमिका
गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. कोमल विजयवर्गीय के अनुसार यह मामला अत्यंत जटिल और उच्च जोखिम वाला था। डिलीवरी के बाद नवजात बच्ची की पल्स और ब्लड प्रेशर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। फिलहाल मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं और जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। इस जटिल सर्जरी में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सुनीता भटनागर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इससे पहले 2021 में मंडला में 5.1 किलो वजनी बच्चे का जन्म हुआ था, लेकिन अब इंदौर की यह डिलीवरी उस रिकॉर्ड को पार कर गई है।
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सरकारी योजना के तहत मुफ्त में हुआ उपचार
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों और स्टाफ की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केस इस बात का प्रमाण है कि जननी सुरक्षा योजना जैसी सरकारी योजनाओं के तहत अब हाई रिस्क डिलीवरी भी सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित रूप से की जा रही हैं, जो पहले सिर्फ निजी अस्पतालों तक सीमित थीं।
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