Indore: इंदौर में दो माह में आए खाद के दस से ज्यादा रैक, कांग्रेस ने कहा सोसायटी में खाद नहीं
कांग्रेस के इंदौर जिलाध्यक्ष सदाशिव यादव ने कहा कि खाद किसानों को नहीं मिल रही है। अफसर इन खाद को कहां भेज रहे है। इसका ब्यौरा दिया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के कई किसान चक्कर काटने के बजाए निजी तौर पर खाद खरीद रहे है।
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मध्य प्रदेश के कई जिलों में खाद का संकट गहरा है। दीपावली के त्यौहार के समय किसान खाद के लिए कतार लगा रहे है, लेकिन इंदौर में अफसरों की माने तो खाद की ज्यादा किल्लत नहीं है।
दो माह में खाद के दस ज्यादा रैक इंदौर आ चुके है और किसानों को कतार लगाने की जरुरत नहीं पड़ रही है, लेकिन कांग्रेस नेता आरोप लगा रहे है कि खाद देने में भेदभाव किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की सोसाइटियों में खाद पहुंच ही नहीं रहती तो कतार कहां लगेगी। वहां पहुंचने से पहले खाद कुछ खास लोगों के यहां जा रहा है। खाद बांटने में भी विभाग भेदभाव कर रहे है।
किसान रबी की फसल की बुआई के लिए परेशान हो रहे है। जिन खेतों में बोवनी कर दी गई है। वहां किसान डीएपी खाद फसलों को देना चाहते है, लेकिन खाद वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं आ रही है।
किसानों को आवश्यकता के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है। किसान व्यापारियों से महंगे दामों पर खाद खरीद रहे है। कृषि विभाग के अधिकारी एसएस राजपूत का कहना है कि इंदौर में खाद पर्याप्त है। लगातार रैक आ रहे है और किसानों को दिए जा रहे है। इंदौर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खाद की कमी नहीं है।
खाद नहीं मिल रही किसानों को
कांग्रेस के इंदौर जिलाध्यक्ष सदाशिव यादव ने कहा कि खाद किसानों को नहीं मिल रही है। अफसर इन खाद को कहां भेज रहे है। इसका ब्यौरा दिया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के कई किसान चक्कर काटने के बजाए निजी तौर पर खाद खरीद रहे है। सरकार खाद वितरण के मामले में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
