Indore: इंदौर में एमआर-10 पर कुमेड़ी बस अड्डा बनकर तैयार, अब वहां तक पहुंचने के लिए बन रही एमआर-4
कुर्मेडी बस स्टेशन की तरफ जाने के लिए सबसे बड़ा जंक्शन चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराहा है। जहां सुबह और शाम कई बार यातायात बाधित होता है। कुर्मेडी बस स्टेशन पर डेढ़ हजार बसों की आवाजाही होगी और 80 हजार यात्री प्रतिदिन इस स्टेशन पर आएंगे।
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इंदौर विकास प्राधिकरण ने 40 करोड़ रुपये खर्च कर इंदौर के एमआर-10 पर कुमेड़ी में नया बस अड्डा तो बना दिया, लेकिन फिलहाल जो सड़क इस बस स्टेशन को जोड़ती है, वहां सुबह शाम ट्रैफिक जाम की स्थिति रहती है। यदि बस स्टेशन शुरू होता है तो चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा चौराहा और आईटीआई मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ जाएगा। इसे देखते हुए अभी स्टेशन पर बसों का संचालन शुरू नहीं किया जा रहा है। बस स्टेशन से दो रेलवे स्टेशन और एक बस स्टैंड को जोड़ने वाली एमआर-4 सड़क के निर्माण पर फिलहाल नगर निगम फोकस कर रहा है।
कुमेड़ी बस स्टेशन की तरफ जाने के लिए सबसे बड़ा जंक्शन चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा चौराहा है। जहां सुबह और शाम कई बार यातायात बाधित होता है। कुमेड़ी बस स्टेशन इंदौर का सबसे बड़ा बस स्टेशन है। यहां 1500 बसों की आवाजाही होगी और 80 हजार यात्री प्रतिदिन यहां आएंगे। तब इस चौराहे पर वाहनों का दबाव और बढ़ेगा, लेकिन अफसर उसकी चिंता नहीं कर रहे है। यहां लोक परिवहन वाहन भी संचालित होंगे। उनके स्टैंड बनाने की व्यवस्था नहीं की गई। वे भी सड़कों पर खड़े होकर यात्रियों को बैठाएंगे। इससे और ज्यादा ट्रैफिक जाम होगा।
भागीरथपुरा बस्ती के 200 मकान बाधक
इस नए बस अड्डे से लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन और मुख्य रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए नदी किनारे सड़क बनाई जा रही है लेकिन उसका अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। ट्रैफिक के जानकार अतुल शेठ बताते हैं कि कुमेड़ी बस स्टैंड पर प्रतिदिन 80 हजार यात्री अनुमानित हैं, लेकिन टिकट विंडो वहां पर सिर्फ 14 बनाई गई है, जबकि दूसरे तीन बस स्टैंडों की कुल विंडो 28 हैं, जबकि उनकी यात्री क्षमता 45 हजार प्रतिदिन है। नए बस अड्डे की आसान एप्रोच रोड जरूरी है। जो सड़क इस स्टेशन को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है। वहां भागीरथपुरा बस्ती के 200 से ज्यादा मकान सबसे बड़ी बाधा है। उन्हें नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक हटाया नहीं गया है।
