Indore: केरल के पुलिस महानिदेशक पतजोशी ने कहा-देश के समग्र विकास के लिए पंचायतों को भी बनना होगा सक्षम
पतजोशी ने कहा कि हमें कठिन समस्या को पहले हल करना चाहिए लेकिन होता यह है कि हम आसान समस्या को पहले हल करने लग जाते हैं और कठिन समस्या को लंबित रख देते हैं। पंचायत को सरकार की ओर से इतना पैसा नहीं मिलता है कि पक्की और अच्छी सड़क बना सके।
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केरल के पुलिस महानिदेशक संजीव पतजोशी ने कहा है कि पंचायत क्षेत्र का विकास किए बगैर हम समग्र भारत के विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। हमें पंचायतों को सक्षम बनना होगा। शहरी क्षेत्र की तरह साधन और सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र में भी उपलब्ध कराना होगी।
वे गुरुवार शाम को इंदौर के जाल सभागृह में अभ्यास मंडल की 64वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यान माला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बचपन में हम गांव में रहते थे और वहां पर खेत भी जाते थे। पशु भी चराते थे और किस तरह से गाय का दूध आता है वह सारी स्थिति भी देखते थे। शाम के समय पर गांव में लाइट नहीं होती थी तो ऐसे में जल्दी घर में खाना बन जाता था और जल्दी ही खाना खाकर हमें सोना भी पड़ता था। इस स्थिति से आज की पीढ़ी वाकिफ नहीं है। हमारे देश में पंचायत का महत्व पुराने समय से ही बहुत ज्यादा रहा है। हरियाणा की खाप पंचायत हो या फिर बिहार की कुछ पंचायतें हो, उनके नाम सभी सुनते रहते हैं।
पतजोशी ने कहा कि हमें कठिन समस्या को पहले हल करना चाहिए लेकिन होता यह है कि हम आसान समस्या को पहले हल करने लग जाते हैं और कठिन समस्या को लंबित रख देते हैं। पंचायत को सरकार की ओर से इतना पैसा नहीं मिलता है कि वह अपने गांव में पक्की और अच्छी सड़क भी बना सके। जब प्रधानमंत्री आवास योजना को तैयार किया जा रहा था तो उस समय यह प्रावधान किया गया था कि गरीबों के लिए जो एक यूनिट बनकर तैयार होगा उसकी लागत 6 लाख रुपए होगी। यह प्रस्ताव जब वित्त मंत्रालय के पास गया तो उन्होंने इतने ज्यादा खर्च पर आपत्ति ली और उस यूनिट की कीमत को घटाकर 1.5 लाख रुपए कर दिया।
अब इतने कम पैसे में आवास के लिए कैसा यूनिट बनेगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। यही कारण है कि आज इस योजना के तहत बने हुए आवास लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी साबित नहीं हो रहे हैं।
