Indore: जीतू पटवारी बोले-इंदौर में कांग्रेस किसी को समर्थन नहीं देगी, जनता के पास नोटा का विकल्प
पटवारी ने कहा कि हमारे उम्मीदवार ने नाम वापस ले लिया। हो सकता है कि उस पर राजनीतिक दबाव आया हो, उसकी कीमत लगी हो। अब उसे दोष देने से मतलब नहीं है। पटवारी ने कहा कि ताकत का एक नियम है, वो ज्यादा समय तक किसी एक के पास नहीं रहती।
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इंदौर में कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय बम द्वारा नाम वापस लिए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर में कांग्रेस किसी निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन नहीं देगी। जनता के पास नोटा का विकल्प है। कांग्रेस इंदौर में रैलियां करेगी, सभाएं लेगी और शहर की जनता से लोकतंत्र को बचाए रखने की मांग करेगी।
पटवारी ने कहा कि देश में इंदौर की गिनती साफ शहरों में होती है, लेकिन भाजपा ने इसे राजनीतिक तौर पर सबसे ज्यादा प्रदूषित कर दिया। सोमवार को जो हुआ, उससे वोट की ताकत खतरे में है। लोकतंत्र की हत्या में इंदौर अव्वल हो गया। राहुल गांधी ने इंदौर के घटनाक्रम पर मुझसे पूछा कि इंदौर में सुमित्रा महाजन भी रहती है। उन्होंने यह सब कैसे होने दिया। वे कुछ नहीं बोली।
पटवारी ने कहा कि भाजपा अब राजनीतिक माफिया को पनपा रही है। हो सकता है हमने कमी हो, कांग्रेस का संगठन कमजोर हो, लेकिन जो पार्टी ताकतवर है। इंदौर की 9 सीटों पर जिसने जनता के वोटों से जीत पाई। उनसे इंदौर में जो काम किया, उससे इंदौर कलंकित हुआ है और उसका बाकायदा जश्न मनाया जा रहा है। अब यह लड़ाई भाजपा और कांग्रेस की नहीं,बल्कि भाजपा और जनता के बीच की है।
पटवारी ने कहा कि हमारे उम्मीदवार ने नाम वापस ले लिया। हो सकता है कि उस पर राजनीतिक दबाव आया हो, उसकी कीमत लगी हो। अब उसे दोष देने से मतलब नहीं है। पटवारी ने कहा कि ताकत का एक नियम है, वो ज्यादा समय तक किसी एक के पास नहीं रहती। वक्त हमारा भी आएगा, लेकिन तब तक देश में लोकतंत्र कायम रहना चाहिए। राम निवास रावत के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें जो लगा, उन्होंने किया। उस पार्टी में उनकी महत्वकांक्षा पूरी होना चाहिए। यदि वे वहां जाकर असम्मानित हुए तो हमें दुख होगा।
विजयवर्गीय ने छुटभैय्ये नेता जैसा काम किया
पटवारी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर निशाना साधते हुए कहा कि विजयवर्गीय का देश प्रदेश में नाम है। उन्हें कई बड़े पद मिले, लेकिन इंदौर में उन्होंने छुटभैय्ये नेता जैसा काम किया और उसका वे जश्न मना रहे है। कांग्रेस प्रत्याशी की नाम वापसी को कुछ लोग कांग्रेस का नुकसान मान रहे है,जबकि यह कांग्रेस नहीं लोकतंत्र का नुकसान है।
