Indore: सितंबर माह में सामाजिक समरसता के लिए आरएसएस का बड़ा आयोजन इंदौर में, भागवत होंगे शामिल
ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में समाज प्रमुखों से उनके समाजों द्वारा जनकल्याण व सेवा कार्यों की जानकारी ली गई। मोहन भागवत ने समाज प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज है, तो सद्भावना है। यह अपनेपन का सम्बंध है।
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प्रदेश के मालवा प्रांत में आरएसएस की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इंदौर में संघ के बड़े आयोजन हो रहे है। संघ प्रमुख मोहन भागवत सात माह में तीन बार इंदौर आ चुके हैं और अब सितंबर माह में फिर इंदौर आएंगे। 12 सितंबर को इंदौर में सामाजिक समरसता को लेकर बड़े आयोजन की रणनीति रविवार को भागवत के समक्ष बनी। सितंबर में होने वाले सम्मेलन में समाजों के कामों को दिखाया जाएगा।
सामाजिक समरसता सम्मेलन की तैयारियों को लेकर मालवा प्रांत के 100 से ज्यादा समाजों के 284 प्रमुख रविवार को संघ प्रमुख की मौजूदगी में हुई बैठक में शामिल हुए। यह बैठक ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में समाज प्रमुखों से उनके समाजों द्वारा किए गए जनकल्याण और सेवा कार्यों की जानकारी ली गई। मोहन भागवत ने समाज प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज है, तो सद्भावना है। यह अपनेपन का संबंध है। समाज में व्यक्ति और परिवार दोनों की सत्ता होती है। समाज का एक सामान्य उद्देश्य धर्मयुक्तजीवन होता है।
परिवार व्यवस्था को ध्वस्त करने का प्रयास
संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि मनुष्य को शरीर और उपभोग की वस्तु मानने वाले विचार ने पूरे यूरोप को ध्वस्त किया है। यही विचार अब भारत की परिवार व्यवस्था को ध्वस्त करने का प्रयास कर रहा है। इस विचार ने कुछ संस्थाओं को अपने नियंत्रण में लेकर समाज को तोड़ने के लिए विश्व के 50-60 घरानों से गठजोड़ कर लिया है। इनका उद्देश्य भारत के बाजार पर कब्जा करना है।
धर्म और राष्ट्र एक ही बात
उन्होंने कहा कि भारत में धर्म और राष्ट्र एक ही बात है। स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद आदि महापुरुषों ने जात-पात से ऊपर उठकर समाज में राष्ट्र भाव जागृत करने का कार्य किया। समाज और परिवार के लिए मातृ शक्ति का चिंतन पुरुषों से अधिक व्यापक होता है। कार्यक्रम का संचालन जसविंदर सिंह ठकराल, अतिथि परिचय दिनेश गुप्ता ने दिया। आभार राधेश्याम पाटीदार ने माना।
