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Indore: हनी ट्रैप केस-अब सबूतों के आधार पर आरोप साबित करेगी पुलिस, फरियादी की हो चुकी है मौत

Tue, 28 Jan 2025 04:11 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Tue, 28 Jan 2025 04:11 PM IST
सार

वर्ष 2019 में इंदौर में सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था और इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इस बहुचर्चित हनी ट्रैप में कई राजनेता व वरिष्ठ अफसरों के नाम है,लेकिन शिकायतकर्ता सिर्फ एक ही सामने आया था।

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Indore: Honey trap case- Now police will prove the charges on the basis of evidence, the complainant has died
जिला कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप केस में कोर्ट ने आरोप तय कर दिए है, लेकिन इस बीच फरियादी इंदौर नगर निगम के निलंबित सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह की मौत हो चुकी है, हालांकि इससे केस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अब पुलिस को सबूतों व गवाहों के आधार पर आरोप साबित करना होगा। पुलिस के पास सबसे बड़ा सबूत वह सीडी है, जो पुलिस ने आरोपियों के पास से जब्त की थी।

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कोर्ट द्वारा तय आरोपों को आरोपियों के वकील ने मानने से इनकार कर दिया है। अब हनी ट्रेप मामले में सुनवाई लगातार जारी रहेगी। अब अगली सुनवाई आठ फरवरी को होगी। कोर्ट ने सभी आरोपियों को उपस्थित रहने के लिए कहा है।

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आपको बता दे कि वर्ष 2019 में इंदौर में सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था और इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इस बहुचर्चित हनी ट्रैप में कई राजनेता व वरिष्ठ अफसरों के नाम है,लेकिन शिकायतकर्ता सिर्फ एक ही सामने आया था।

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पुलिस ने एक आरोपी की शिकायत पर हरभजन के खिलाफ भी रेप का केस दर्ज किया था। इसके बाद हरभजन को नगर निगम ने निलंबित कर दिया था। हरभजन तीन साल से रीवा स्थित अपने पैतृक निवास में ही रहता था।

होटल में बुलाकर बनाई थी हरभजन की सीडी

इस मामले में दर्ज प्रकरण में छह महिलाएं और दो पुरुष शामिल है। आरोपी आरती दयाल और मोनिका ने हरभजन के जरिए अपने रिश्तेदारों को नगर निगम के ठेके दिलावाए थे। हरभजन को विजय नगर क्षेत्र के एक होटल में मोनिका ने बुलाया था और वहां शारीरिक संबंध बनाते समय हरभजन की सीडी भी तैयार कर ली गई थी। उसके आधार पर हरभजन को ब्लैकमेल कर रुपये मांगे जा रहे थे।

50 लाख रुपये आरती और मोनिका इंदौर लेने आई थी। तब हरभजन की शिकायत पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके साथ आया ड्राइवर भी गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद भोपाल में भी एक फ्लैट में छापे मारकर श्वेता पति विजय, श्वेता पति स्वप्निल और बरखा को गिरफ्तार किया गया था। वे भी आरती से जुड़ी थी।

 

घर में मिली थी लाश

29 नवंबर को हरभजन सिंह का शव उनके घर में पड़ा मिला था। डाक्टरों ने मौत की वजह दिल का दौर बताई थी। तब हरभजन घर में अकेला था। पुलिस ने हरभजन के शव का पोस्मार्टम भी कराया था। इस केस के सिलसिले में हरभजन इंदौर भी आता-जाता रहता था।

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