इंदौर : 24 साल पुराने भ्रष्टाचार के केस में पूर्व कार्यपालन यंत्री को पांच साल की जेल और 25 लाख का जुर्माना
24 साल पुराने रिश्वत के मामले में कोर्ट ने सेवानिवृत्त लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री कैलाश चंद्र परवाल को पांच साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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सेवानिवृत्त हो चुके लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को 24 साल पुराने केस में पांच साल की कैद और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है। उन्हें इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था और प्रकरण दर्ज किया था। मामला कोर्ट पहुंचा और फैसला आने में 24 साल लग गए। कोर्ट ने आरोपी को रिश्वत का दोषी माना और सजा सुनाई।
इंदौर की लोकायुक्त टीम ने 24 साल पहले मंडलेश्वर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री कैलाश चंद्र परवाल को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया था। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 8 सितंबर 2002 को केस दर्ज किया था और फैसला ठीक 24 साल बाद आया।
रिश्वत मामले के बाद लोकायुक्त विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में परवाल के खरगोन, देवास और इंदौर स्थित आवासों पर भी छापे मारे थे और बड़ी मात्रा में अनुपातहीन संपत्ति पकड़ी थी।
आरोपी ने अपने सेवाकाल में 34 लाख रुपये की आय की थी, लेकिन छापे में एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिली थी। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर विशेष कोर्ट में चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान आरोपी ने बचाव के लिए सबूत और गवाह भी पेश किए, लेकिन कोर्ट ने उसे भ्रष्टाचार करने का दोषी माना। फैसला आने के बाद उसे सीधे जेल भेज दिया गया।
