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Indore: मकान किराए का बकाया देने के एवज में महिला कर्मचारी व क्षेत्रीय संयोजक ने मांगी 50 हजार की रिश्वत
Mon, 15 Apr 2024 05:30 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Mon, 15 Apr 2024 05:30 PM IST
सार
फरियाद ने श्रीकृष्ण एवेन्यू में वर्ष 2015 में अपना मकान होस्टल के लिए विभाग को किराए पर दिया था। वहां जूनियर छात्रावास संचालित किया जा रहा था। फरियादी ने उस मकान को पिछले साल खाली करा लिया था, लेकिन विभाग ने बकाया 11 लाख रुपये नहीं दिए थे।
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लोकायुक्त टीम ने दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंदौर के आदिवासी विकास विभाग में छापा मारकर लोकायुक्त पुलिस ने एक महिला कर्मचारी व क्षेत्रीय संयोजक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। महिला ने बिना डरे नोटों की गड्डी ली और अलमारी में रख दी थी। जब लोकायुक्त पुलिस ने दफ्तर में आकर अपना परिचय दिया तो उसके चेहरे का रंग उड़ गया और वह कहने लगी कि रिश्वत मैंने नहीं ली।
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बता दें कि छात्रावास के भवन की बकाया राशि व एरियर देने के एवज में महिला कर्मचारी उमा मर्सकोले ने 15 प्रतिशत राशि रिश्वत के रूप में मांगी थी। उमा को रिश्वत देने के लिए फरियादी विक्रम गेहलोत पर क्षेत्रीय संयोजक विजय जायसवाल ने दबाव बनाया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। फरियाद ने श्रीकृष्ण एवेन्यू में वर्ष 2015 में अपना मकान होस्टल के लिए विभाग को किराए पर दिया था। वहां जूनियर छात्रावास संचालित किया जा रहा था। फरियादी ने उस मकान को पिछले साल खाली करा लिया था, लेकिन विभाग ने बकाया 11 लाख रुपये नहीं दिए थे। इस राशि के भुगतान के लिए जायसवाल और मर्सकोले 15 प्रतिशत राशि की रिश्वत देने का दबाव बना रहे थे।
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सोमवार को 50 हजार रुपये की राशि देना तय हुआ। फरियादी ने लोकायुक्त पुलिस को भी शिकायत की। तय रणनीति के तहत जैसे ही दोनों घूसखोर कर्मचारियों ने रिश्वत के रूप में पचास हजार रुपये लिए, तो लोकायुक्त विभाग की टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गड्डी में केमिकल लगा हुआ था। दोनों घूसखोर कर्मचारियों के हाथ धुलवाए गए तो नोटों में लगा पीला रंग उनके हाथों से निकला। उमा ने रुपये लेकर अलमारी में रख लिए थे। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया।
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