Indore: घरेलू हिंसा के मामले में निकल गया झूठा वारंट, कोर्ट ने पति को रिहा करने के आदेश दिए
हातोद पुलिस ने वारंट की तामिली कर पंचनामा बनाया और पति को रातभर हिरासत में रखा। कोर्ट के समक्ष यह मामला आया तो पता चला कि कोर्ट से तो वसूली वारंट जारी ही नहीं हुआ है।
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इंदौर में कोर्ट के आदेश के बगैर घरेेलू हिंसा के मामले में झूठा वारंट निकलवाने का मामला सामने आया है। दिव्यांग पति के खिलाफ निकले इस वारंट को पत्नी ने तामिल कराने के लिए पुलिस अफसरों को देे दिया। पुलिस जवानों ने जब पति को कोर्ट में पेश किया तो इसका पता चला। कोर्ट ने पति को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। पीडि़त पति को रात भर थाने में बैठाए रखा गया था। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के लिए एक याचिका भी दायर की है।
हाईकोर्ट वकील कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि पत्नी ने पति के खिलाफ भरण पोषण भत्ता देने के लिए पत्नी ने जिला कोर्ट में प्रकरण प्रस्तुत किया था। कोर्ट ने साढ़े आठ हजार रुपये क भरण पोषण देने का आदेश जारी किया था। उस आदेश को पति ने चुनौती देते हुए वरिष्ठ न्यायालय में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने आदेश निरस्त कर दिया था। पत्नी ने फिर भरण पोषण आदेश के तहत वसूली के हेतू कोर्ट में याचिका लगाई। कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी किया।
पत्नी ने वसूली वारंट जारी करने वाले करने वाले प्रोसेस फार्म की व्यवस्था की और उस पर वसूली वारंट लिखकर वारंट की तामिल के लिए पुलिस विभाग को भिजवा दिया हातोद पुलिस ने वारंट की तामिली कर पंचनामा बनाया और पति को रातभर हिरासत में रखा। कोर्ट के समक्ष यह मामला आया तो पता चला कि कोर्ट से तो वसूली वारंट जारी ही नहीं हुआ है। कोर्ट ने तुरंत पति को रिहा करने के आदेश दिए। अब इस मामले में पति ने याचिका लगाई है।
