Indore: इंदौर में ट्रैफिक सुधार की कवायद, लेकिन ई रिक्शा पर नहीं लगाम, स्कूली बच्चों को ढो रहे
भोपाल में स्कूली बच्चों को लाने ले जाने में ई रिक्शा के उपयोग पर कलेक्टर ने रोक लगा दी है, लेकिन इंदौर में अभी तक इस तरह की कवायद नहीं हुई है,जबकि भोपाल से ज्यादा ई रिक्शा इंदौर में स्कूली बच्चों को ढो रहे है। कई बड़े स्कूलों में भी ई रिक्शा अटैच है।
विस्तार
भोपाल में स्कूली बच्चों को लाने ले जाने में ई रिक्शा के उपयोग पर कलेक्टर ने रोक लगा दी है, लेकिन इंदौर में अभी तक इस तरह की कवायद नहीं हुई है, जबकि भोपाल से ज्यादा ई रिक्शा इंदौर में स्कूली बच्चों को ढो रहे है। कई बड़े स्कूलों में भी ई रिक्शा अटैच है।
इंदौर शहर में ट्रैफिक सुधार को लेकर नगर निगम और प्रशासन मुहिम शुरू करने वाला है। हाईकोर्ट में लगी याचिका के दौरान भी अफसरों ने कहा कि वे ट्रैफिस सुधार की दिशा में ठोस काम करेंगे, लेकिन अभी तक ई रिक्शा पर लगाम नहीं कसी गई। शहर के ट्रैफिक में ये ई रिक्शा समस्या बन रहे हैं। सड़क पर कहीं भी खड़े होने से दूसरे वाहन उन्हें ओवरटेक करते हैं। इस कारण हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा चौराहों के लेफ्ट टर्न पर भी आजकल ई रिक्शा खड़े नजर आते हैं, जबकि लेफ्ट टर्न बाएं ओर के ट्रैफिक को निर्बाध रूप से सतत जारी रखने के लिए होता है।
स्कूली बच्चों के लिए खतरा
ई रिक्शा इंदौर में स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं। स्कूल प्रबंधन की भी इस पर निगरानी नहीं है, जबकि ज्यादातर ई रिक्शा पूरी तरह से कवर नहीं होते हैं और हादसा होने की स्थिति में रिक्शा में सवार यात्रियों को ज्यादा चोट लगने की संभावना बनी रहती है। इसके बाद भी इस मामले में लापरवाही बरती जा रही है।
पंजीयन पर रोक नहीं
पिछले दिनों हाईकोर्ट में ट्रैफिक को लेकर याचिका लगी थी। इस की सुनवाई में मेयर पुष्य मित्र भार्गव न्यायमित्र के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने सुझाव दिया कि शहर में ई रिक्शा को लेकर पाॅलिसी बनना चाहिए। उधर, प्रशासन ने ई रिक्शा के पंजीयन पर रोक लगाने और उनके रूट तय करने की कवायद भी की थी, लेकिन वह लागू नहीं हो पाई।
