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इंदौर: अमृत ग्रुप पर ईडी की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, 17 ठिकानों पर एक साथ छापा
Wed, 16 Sep 2026 05:21 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Wed, 16 Sep 2026 05:21 PM IST
सार
इंदौर और कोलकाता में अमृत ग्रुप के 17 ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की। आकर्षक रिटर्न का झांसा देकर निवेशकों से रकम जुटाने और धोखाधड़ी करने के मामले में यह कार्रवाई हुई है। जांच एजेंसी बैंक और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही है।
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ईडी की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमृत ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने एक साथ इंदौर और कोलकाता स्थित 17 विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह पूरी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की जा रही है, जिससे संबंधित क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है।
लुभावनी योजनाओं के जरिए जुटाए करोड़ों रुपये
जांच एजेंसी के अनुसार, अमृत ग्रुप से जुड़ी विभिन्न कंपनियों ने आकर्षक डिपॉजिट स्कीमों का लालच देकर आम लोगों से भारी रकम जमा कराई थी। निवेशकों को उनकी जमा पूंजी पर बाजार से अधिक रिटर्न देने का भरोसा दिलाया गया था। इसी झांसे में आकर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई इन योजनाओं में निवेश कर दी।
रिटर्न और मूल धन न मिलने पर खुली पोल
जांच में यह बात सामने आई है कि तय समयसीमा पूरी होने के बाद भी निवेशकों को वादा किया गया रिटर्न नहीं दिया गया। इतना ही नहीं, कई मामलों में तो निवेशकों की मूल रकम भी वापस नहीं लौटाई गई। इस धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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वित्तीय दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की गहन जांच
कार्रवाई के दौरान जांच दल ने कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ताओं के आवासीय परिसरों और व्यावसायिक कार्यालयों की विस्तृत तलाशी ली। इस दौरान बैंक खातों के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और निवेश से जुड़े कागजातों को कब्जे में लेकर खंगाला जा रहा है।
निवेशकों के पैसे की हेराफेरी का पता लगाने में जुटी एजेंसी
प्रवर्तन निदेशालय की टीम मुख्य रूप से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आम जनता से जुटाई गई राशि को कहां ट्रांसफर किया गया और उसका इस्तेमाल किन संपत्तियों को खरीदने में हुआ। इंदौर और कोलकाता में जांच अधिकारियों द्वारा तलाशी की प्रक्रिया खबर लिखे जाने तक लगातार जारी थी।
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लुभावनी योजनाओं के जरिए जुटाए करोड़ों रुपये
जांच एजेंसी के अनुसार, अमृत ग्रुप से जुड़ी विभिन्न कंपनियों ने आकर्षक डिपॉजिट स्कीमों का लालच देकर आम लोगों से भारी रकम जमा कराई थी। निवेशकों को उनकी जमा पूंजी पर बाजार से अधिक रिटर्न देने का भरोसा दिलाया गया था। इसी झांसे में आकर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई इन योजनाओं में निवेश कर दी।
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रिटर्न और मूल धन न मिलने पर खुली पोल
जांच में यह बात सामने आई है कि तय समयसीमा पूरी होने के बाद भी निवेशकों को वादा किया गया रिटर्न नहीं दिया गया। इतना ही नहीं, कई मामलों में तो निवेशकों की मूल रकम भी वापस नहीं लौटाई गई। इस धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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वित्तीय दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की गहन जांच
कार्रवाई के दौरान जांच दल ने कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ताओं के आवासीय परिसरों और व्यावसायिक कार्यालयों की विस्तृत तलाशी ली। इस दौरान बैंक खातों के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और निवेश से जुड़े कागजातों को कब्जे में लेकर खंगाला जा रहा है।
निवेशकों के पैसे की हेराफेरी का पता लगाने में जुटी एजेंसी
प्रवर्तन निदेशालय की टीम मुख्य रूप से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आम जनता से जुटाई गई राशि को कहां ट्रांसफर किया गया और उसका इस्तेमाल किन संपत्तियों को खरीदने में हुआ। इंदौर और कोलकाता में जांच अधिकारियों द्वारा तलाशी की प्रक्रिया खबर लिखे जाने तक लगातार जारी थी।
