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इंदौर: जेल प्रहरी के अंडरगार्मेंट्स और जूतों से मिले नशीले पदार्थ, कैदियों को करता था सप्लाई
Wed, 28 Oct 2026 03:50 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 28 Oct 2026 03:50 PM IST
सार
इंदौर की जिला जेल में मुख्य गेट पर चेकिंग के दौरान एक प्रहरी के जूतों और कपड़ों से चरस, बीड़ी और तंबाकू बरामद हुआ है, जिसे वह कैदियों तक पहुंचाने ले जा रहा था।
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देवेंद्र चौहान
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर की जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखकर कैदियों तक चोरी छिपे नशा और तंबाकू पहुंचाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुख्य गेट पर तैनात अन्य प्रहरियों द्वारा की गई तलाशी के दौरान एक जेल प्रहरी के कपड़ों और जूतों के भीतर से प्रतिबंधित सामग्रियां बरामद की गईं। इस घटना के सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है और वरिष्ठ अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी प्रहरी को तत्काल प्रभाव से जेल ड्यूटी से हटा दिया गया है। इस गंभीर मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
रात 2 बजे चेकिंग के दौरान हुआ पर्दाफाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटनाक्रम के दौरान सोमवार की रात को उप जेलर राकेश उपाध्याय, चंद्रिका पटेल, नानूराम सोनी और विजय आर्य की ड्यूटी तय की गई थी। रात के लगभग 2 बजे जेल प्रहरी देवेंद्र चौहान अपनी ड्यूटी निभाने के लिए जेल परिसर में पहुंचा। जब मुख्य गेट पर तैनात अन्य प्रहरियों ने नियमों के तहत उसकी तलाशी ली, तो उसके अंडरगार्मेंट्स, अंदरूनी कपड़ों और जूतों के अंदर बड़ी चालाकी से छिपाकर रखी गई चरस, बीड़ी और तंबाकू के पैकेट बरामद हुए।
सीसीटीवी कैमरों के सामने की गई जब्ती की कार्रवाई
यह पूरी चेकिंग और सामान जब्ती की प्रक्रिया जेल परिसर में पहले से स्थापित सीसीटीवी कैमरों की सख्त निगरानी में पूरी की गई। जेल अधीक्षक जवाहर मंडलोई ने जेल के भीतर बीड़ी और तंबाकू मिलने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है, हालांकि शुरुआती बयानों में उनके द्वारा चरस मिलने की बात से इनकार किया गया है। दूसरी ओर, विभागीय सूत्रों के अनुसार इस बरामदगी में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ चरस भी शामिल था, जिसकी आपूर्ति कैदियों तक की जानी थी।
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शुभम नेपाली और अन्य बंदियों तक पहुंचानी थी खेप
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी प्रहरी देवेंद्र चौहान ने कथित रूप से यह खुलासा किया कि बरामद की गई चरस की यह खेप द्वारकापुरी क्षेत्र के रहने वाले एक नशा कारोबारी शुभम नेपाली तक पहुंचाई जानी थी। आरोपी शुभम इस समय जिला जेल के अंदर ही बंद है। इसके अतिरिक्त, जेल की अन्य बैरकों में बंद दूसरे कैदियों तक भी बीड़ी और तंबाकू के पैकेट पहुंचाने की पूरी योजना बनाई गई थी। सूत्रों का यह भी दावा है कि इस गैरकानूनी काम को अंजाम देने के बदले में प्रहरी देवेंद्र को एक बड़ी धनराशि मिलने वाली थी।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इंदौर की जिला जेल के भीतर सुरक्षा में सेंध लगाने और नियमों के उल्लंघन का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले ही खजराना क्षेत्र के रहने वाले बिल्डर मनोज नागर पर हमला करने के आरोपी सोनू खरगोश पर भी इसी जेल के भीतर एक चाइनीज चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। उस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से उसे सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। अब एक रक्षक यानी जेल प्रहरी के द्वारा ही खुद नशीले पदार्थों को जेल के भीतर ले जाने की इस ताजा घटना ने जेल की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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रात 2 बजे चेकिंग के दौरान हुआ पर्दाफाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटनाक्रम के दौरान सोमवार की रात को उप जेलर राकेश उपाध्याय, चंद्रिका पटेल, नानूराम सोनी और विजय आर्य की ड्यूटी तय की गई थी। रात के लगभग 2 बजे जेल प्रहरी देवेंद्र चौहान अपनी ड्यूटी निभाने के लिए जेल परिसर में पहुंचा। जब मुख्य गेट पर तैनात अन्य प्रहरियों ने नियमों के तहत उसकी तलाशी ली, तो उसके अंडरगार्मेंट्स, अंदरूनी कपड़ों और जूतों के अंदर बड़ी चालाकी से छिपाकर रखी गई चरस, बीड़ी और तंबाकू के पैकेट बरामद हुए।
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सीसीटीवी कैमरों के सामने की गई जब्ती की कार्रवाई
यह पूरी चेकिंग और सामान जब्ती की प्रक्रिया जेल परिसर में पहले से स्थापित सीसीटीवी कैमरों की सख्त निगरानी में पूरी की गई। जेल अधीक्षक जवाहर मंडलोई ने जेल के भीतर बीड़ी और तंबाकू मिलने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है, हालांकि शुरुआती बयानों में उनके द्वारा चरस मिलने की बात से इनकार किया गया है। दूसरी ओर, विभागीय सूत्रों के अनुसार इस बरामदगी में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ चरस भी शामिल था, जिसकी आपूर्ति कैदियों तक की जानी थी।
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शुभम नेपाली और अन्य बंदियों तक पहुंचानी थी खेप
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी प्रहरी देवेंद्र चौहान ने कथित रूप से यह खुलासा किया कि बरामद की गई चरस की यह खेप द्वारकापुरी क्षेत्र के रहने वाले एक नशा कारोबारी शुभम नेपाली तक पहुंचाई जानी थी। आरोपी शुभम इस समय जिला जेल के अंदर ही बंद है। इसके अतिरिक्त, जेल की अन्य बैरकों में बंद दूसरे कैदियों तक भी बीड़ी और तंबाकू के पैकेट पहुंचाने की पूरी योजना बनाई गई थी। सूत्रों का यह भी दावा है कि इस गैरकानूनी काम को अंजाम देने के बदले में प्रहरी देवेंद्र को एक बड़ी धनराशि मिलने वाली थी।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इंदौर की जिला जेल के भीतर सुरक्षा में सेंध लगाने और नियमों के उल्लंघन का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले ही खजराना क्षेत्र के रहने वाले बिल्डर मनोज नागर पर हमला करने के आरोपी सोनू खरगोश पर भी इसी जेल के भीतर एक चाइनीज चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। उस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से उसे सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। अब एक रक्षक यानी जेल प्रहरी के द्वारा ही खुद नशीले पदार्थों को जेल के भीतर ले जाने की इस ताजा घटना ने जेल की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
