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Indore News: इंदौर में DAVV ने कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए शुरू की कई जरूरी योजनाएं, 31 दिसंबर तक करें आवेदन
Thu, 07 Sep 2023 01:51 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 07 Sep 2023 01:51 PM IST
सार
इंदौर indore में डीएवीवी से संबद्ध 300 से ज्यादा कॉलेजों के पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा, यूनिवर्सिटी से मिलेगी तीन तरह की आर्थिक सहायता, 31 दिसंबर तक आवेदन ऑनलाइन भर सकते हैं फॉर्म
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INDORE NEWS
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर indore में कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए डीएवीवी यूनिवर्सिटी कई तरह की सहायता योजनाएं लाई है। यूनिवर्सिटी से संबद्धता प्राप्त 300 से ज्यादा कॉलेजों के तीन लाख से ज्यादा छात्र हैं। इन योजनाओं में जो पात्र होंगे उन्हें तीन तरह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यूनिवर्सिटी ने इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी ने सभी कॉलेजों को पत्र भेज दिया है। इसमें कहा गया कि हर साल दी जाने वाली तीन तरह की आर्थिक सहायता की जानकारी छात्रों को दें और उनसे आवेदन लेकर यूनिवर्सिटी भेजें। यूनिवर्सिटी ने इसके लिए 31 दिसंबर तक की समय-सीमा तय की है। छात्र वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भी जमा कर सकते हैं।
छात्र कल्याण संकाय के डीन डॉ. प्रो. एल.के. त्रिपाठी के अनुसार दरअसल यूनिवर्सिटी हर साल कॉलेज छात्रों को तीन तरह की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसमें पहली कैटेगरी दिव्यांग सहायता की है। दूसरी कैटेगरी दुर्घटना सहायता राशि की है । जबकि तीसरी कैटेगरी आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए है। खास बात यह है कि कोई भी छात्र जो पात्र है, वह आवेदन कर सकता है। हर साल सात सौ से ज्यादा छात्रों को यह सहायता राशि दी जाती है। हमने कॉलेजों को इसकी जानकारी पत्र के जरिए भेजकर गाइडलाइन भी बता दी है। जो छात्र पात्र होंगे, उन्हें यह सहायता दी जाएगी।
दिव्यांगों को साढ़े 7 हजार रुपए सालाना की मदद
इसमें दिव्यांग छात्र आवेदन कर सकते हैं। उनके पास जिला अस्पताल का प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। इसमें दो कैटेगरी हैं। विकलांगता 50 फीसदी से कम है तो सालाना साढ़े 7 हजार रुपए मिलेंगे। जबकि 50 फीसदी से ज्यादा होने पर 10 हजार रुपए सालाना मिलेंगे।
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दुर्घटना में 50 हजार रुपए तक की मदद
सड़क दुर्घटना में अगर कोई छात्र घायल होता है तो उसे यह सहायता दी जाती है। इसमें छात्र की तरफ से पुलिस एफआईआर की कॉपी या फिर एंबुलेंस 108 की रसीद की कॉपी होना चाहिए। इलाज के लिए अधिकतम 50 हजार राशि दी जाती है। यदि हादसे में छात्र की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को 25 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है।
माता या पिता नहीं हैं तो 10 हजार रु. सहायता
तीसरी कैटेगरी में यूनिवर्सिटी उन छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिनके पिता या मां की मृत्यु हो चुकी है और छात्र उन पर ही आर्थिक रूप से निर्भर था। इसमें मृत्यु प्रमाण जमा करना होता है। 10 हजार रुपए आर्थिक सहायता दी जाती है।
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छात्र कल्याण संकाय के डीन डॉ. प्रो. एल.के. त्रिपाठी के अनुसार दरअसल यूनिवर्सिटी हर साल कॉलेज छात्रों को तीन तरह की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसमें पहली कैटेगरी दिव्यांग सहायता की है। दूसरी कैटेगरी दुर्घटना सहायता राशि की है । जबकि तीसरी कैटेगरी आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए है। खास बात यह है कि कोई भी छात्र जो पात्र है, वह आवेदन कर सकता है। हर साल सात सौ से ज्यादा छात्रों को यह सहायता राशि दी जाती है। हमने कॉलेजों को इसकी जानकारी पत्र के जरिए भेजकर गाइडलाइन भी बता दी है। जो छात्र पात्र होंगे, उन्हें यह सहायता दी जाएगी।
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दिव्यांगों को साढ़े 7 हजार रुपए सालाना की मदद
इसमें दिव्यांग छात्र आवेदन कर सकते हैं। उनके पास जिला अस्पताल का प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। इसमें दो कैटेगरी हैं। विकलांगता 50 फीसदी से कम है तो सालाना साढ़े 7 हजार रुपए मिलेंगे। जबकि 50 फीसदी से ज्यादा होने पर 10 हजार रुपए सालाना मिलेंगे।
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दुर्घटना में 50 हजार रुपए तक की मदद
सड़क दुर्घटना में अगर कोई छात्र घायल होता है तो उसे यह सहायता दी जाती है। इसमें छात्र की तरफ से पुलिस एफआईआर की कॉपी या फिर एंबुलेंस 108 की रसीद की कॉपी होना चाहिए। इलाज के लिए अधिकतम 50 हजार राशि दी जाती है। यदि हादसे में छात्र की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को 25 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है।
माता या पिता नहीं हैं तो 10 हजार रु. सहायता
तीसरी कैटेगरी में यूनिवर्सिटी उन छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिनके पिता या मां की मृत्यु हो चुकी है और छात्र उन पर ही आर्थिक रूप से निर्भर था। इसमें मृत्यु प्रमाण जमा करना होता है। 10 हजार रुपए आर्थिक सहायता दी जाती है।
