Indore: इंदौर में भाजपा को दस लाख से ज्यादा की लीड की उम्मीद, कांग्रेस ने कहा-नोटा का रिकार्ड बनेगा
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार शंकर लालवानी को 65 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस को 32 प्रतिशत वोट मिले थे। लालवानी ने पंकज से दो गुना ज्यादा मत हासिल किए थे। इस हिसाब से माना जाए तो कांग्रेस का वोटबैंक 5 लाख से ज्यादा का है।
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लोकसभा चुनाव के परिणाम मंगलवार को आएंगे। इंदौर लोकसभा सीट पर भाजपा की जीत लगभग तय है। बस चर्चा इस बात की है कि जीत की लीड़ कितनी रहेगी। भाजपा को दस लाख वोटों से ज्यादा की उम्मीद है,क्योकि पिछली बार लोकसभा चुनाव में जीत का मार्जिन पांच लाख 47 हजार था।
कांग्रेस का कहना है कि इस बार इंदौर लोकसभा सीट से नोटा भी मध्य प्रदेश में नया रिकार्ड बनाएगा, क्योकि कांग्रेस की विचारधारा को मानने वाले वोटरों ने विरोध स्वरुप नोटा को वोट दिया है। पिछले लोकसभा चुनाव में नोटा को 5 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। इस बार माना जा रहा है कि इंदौर में नोटा को ज्यादा वोट मिलेंगे।
पिछले चुनाव मेें कांग्रेस को मिलेे थे 32 फीसदी वोट
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार शंकर लालवानी को 65 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार पंकज संघवी को 32 प्रतिशत वोट मिले थे। लालवानी ने पंकज से दो गुना ज्यादा मत हासिल किए थे। इस हिसाब से माना जाए तो इंदौर में कांग्रेस का वोटबैंक 5 लाख से ज्यादा का है, लेकिन इस बार कांग्रेस उम्मीद्वार नहीं होने के कारण यह वोटबैंक नोटा की तरफ जाएगा, या किसी निर्दलीय उम्मीदवार को पसंद करेगा।
राजनीतिक जानकारों की नजर उस पर है। भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने कहा कि इस बार भाजपा को दस लाख से ज्यादा वोटों की लीड मिलेगी। जो एक रिकार्ड होगी। कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा का कहना है कि कांग्रेस के उम्मीदवार को भाजपा ने डरा धमका कर नामांकन वापस करा लिया। इससे शहरवासी नाराज थे। यह नाराजगी नोटा को मिले वोटों में नजर आएगी।
