फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore Bawadi Accident administration politician clarification

कलेक्टर, महापौर, मंत्री की सफाई: लोगों को बगैर चोटिल किए निकालना था, कठिन हालात में सही निर्णय लिए

Sat, 01 Apr 2023 08:14 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Sat, 01 Apr 2023 08:14 PM IST
सार

हादसे के बाद लगातार पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठ रहे
 

विज्ञापन
Indore Bawadi Accident administration politician clarification
इंदौर बावड़ी हादसा - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

इंदौर में हुए बेलेश्वर महादेव मंदिर के हादसे के बाद लगातार पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद लोगों को बचाने के दौरान कई गलत निर्णय लिए गए जिससे बहुत से लोगों की जान चली गई। यदि समय पर सेना को बुला लेते तो कई लोगों की जान बच सकती थी। अब इस मामले में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सफाई दी है। महापौर ने कहा कि जिस तरह के हालात थे उसमें सभी प्रयास किए गए। बावड़ी की संरचना, फंसे हुए लोगों के हालात और सभी चीजों को ध्यान में रखकर ही हर निर्णय लिया गया। नगर निगम, पुलिस, जिला प्रशासन और सेना सभी ने पूरे प्रयास किए। सबसे पहले जीवित लोगों को निकाला गया और फिर मृतकों को निकाला गया। वहां पर जितने कठिन हालात थे उनमें भी सभी ने मिलकर बहुत अच्छे से उस रेस्क्यू आपरेशन को पूरा किया। 
विज्ञापन


निर्धारित मानकों का पालन किया, हमें लोगों को बैगर चोटिल किए निकालना था- कलेक्टर 
वहीं कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने कहा कि इंदौर में मंदिर में हुई दुर्घटना के बाद प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन का कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि आपदा प्रबंधन में निर्धारित एसओपी (standard, operating procedure) का पालन किया गया है। आपदा प्रबंधन की सभी एजेंसी के बीच बेहतर समन्वय था। एसडीआरएफ तथा NDRF और सेना द्वारा आपदा प्रबंधन का कार्य परस्पर समन्वय से किया गया है। यह सभी इकाइयाँ स्वतंत्र न होकर एक दूसरे के पूरक होती हैं और काम को क्रमिक रूप से आगे बढ़ाती है। उन्होंने बताया है कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही सभी प्रशासनिक अफसर तत्काल मौके पर पहुंचे थे और तुरंत ही परस्पर चर्चा कर एक रणनीति बना ली गई थी। सभी आवश्यक संसाधन समय रहते जुटा लिए गए थे। कलेक्टर ने यह भी बताया है कि हमारे समक्ष सबसे बड़ी चुनौती कुएं के अंदर फंसे व्यक्तियों को जीवित निकालना था। उन्हें बगैर चोट लगे बाहर निकालना हमारे लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य था तथा सबसे पहले उसी पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह कार्य किया गया। उसके बाद आपदा प्रबंधन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप क्रमिक रूप से बचाव कार्य किए गए। आपदा प्रबंधन के लिए सभी अधिकारियों ने परस्पर सूझ-बूझ और समन्वय से प्लान बी और सी भी तैयार रखा था और एक बेहतर और सुविचारित रणनीति के तहत ही यह कार्य सम्पन्न कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed