Indore: इंदौर के अयान्वित ने आबूधाबी में दी चार लोगों को नई जिंदगी, दिल, लिवर, किडनियां दी दान
माता-पिता उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डाक्टरों ने उसे ब्रेनडेड घोषित कर दिया। उसका पांच अप्रैल तक अस्पताल में इलाज चला। बाद में माता-पिता ने बेटे के अंगदान का फैसला लिया। इसके बाद बच्चे का दिल, लिवर और दोनो किडनियां दान दी गई। प्रत्यारोपण भी सफल रहा।
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इंदौर के छपरवाल परिवार के छह वर्षीय सदस्य अयान्वित ने आबूधाबी में चार लोगों नई जिंदगी दी है। स्वीमिंग पूल में गिरने से बच्चे को ब्रेनडेड घोषित किया गया था। परिजनों ने अंगदान का फैसला लिया। अयान्वित का दिल, लीवर और दोनो किडनियां दान की गई। उसके अंगदान से चार लोगों को नई जिंदगी मिली है। अब अयान्वित के माता-पिता का इंदौर का माहेश्वरी समाज सम्मान करेगा।
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इंदौर निवासी विवेक छपरवाल और पूजा छपरवाल कुछ साल पहले शारजाह शिफ्ट हो गए थे। 29 मार्च को वे अपने दोनो बेटे अयान्वित और अतुलित के साथ अपने एक मित्र के यहां आबूधाबी गई थे। मित्र जिस अर्पाटमेंट में रहते है। वहां स्वीमिंग पूल भी था। अयान्वित उसमें कूद गया, लेकिन उसका सिर फर्श से टकरा गया। इससे उसे गहरी चोट आई।
माता-पिता उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डाक्टरों ने उसे ब्रेनडेड घोषित कर दिया। उसका पांच अप्रैल तक अस्पताल में इलाज चला। बाद में माता-पिता ने बेटे के अंगदान का फैसला लिया। इसके बाद बच्चे का दिल, लिवर और दोनो किडनियां दान दी गई। प्रत्यारोपण भी सफल रहा। इसके बाद बच्चे के पार्थिव शरीर को आबूधाबी सरकार ने भारत भेजा। इसका खर्च भी सरकार ने ही उठाया।
