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Indore News: जीते जी बच्चों को देती रहीं शिक्षा, मौत के बाद देहदान कर गईं अर्चना, बेटे ने पूरा किया संकल्प
Fri, 24 May 2024 11:38 AM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 24 May 2024 11:38 AM IST
सार
शहर की एक शिक्षिका ने जीते जी बच्चों को पढ़ाकर शिक्षित किया तो मृत्यु उपरांत उनकी देह भी शिक्षा देकर जा रही है।
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शिक्षिका अर्चना कोरान्ने का देहदान किया गया
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इंदौर में एक बार फिर देहदान का संकल्प पूरा किया गया। मां की इच्छा को बेटे ने पूरा किया। अब मां की देह मेडिकल साइंस के काम आ सकेगी। शहर की एक शिक्षिका ने जीते जी बच्चों को पढ़ाकर शिक्षित किया तो मृत्यु उपरांत उनकी देह भी शिक्षा देकर जा रही है।
आज के इस युग में भी मानव समाज के लिए मानव की मानवता इतनी अच्छी है कि वह आने वाली पीढ़ी के लिये एक मिसाल बन गई है। इंदौर के सुदामा नगर में रहने वालीं शिक्षिका अर्चना कोरान्ने ने अनेक विद्यार्थियों को वर्षों तक शिक्षित किया। उनकी सोच कुछ अलग ही थी। वे समाज को जागरूक करने पर विश्वास रखती थीं। अंतिम समय में उन्होंने अपनी देहदान करने का संकल्प लिया था। उनके पुत्रराहुल कोरान्ने को देह दान के लिय बताया था।
गत दिनों अर्चना का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बेटे राहुल ने उनकी देहदान का संकल्प को पूरा करने की ठानी। उन्होंने महिर्षि देहदान दधिचि समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर व्यास जी से बात की। व्यास ने तुरंत इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के देहदान अधिकारी राज गोयल से संपर्क किया। राज गोयल ने एम्बुलेंस की व्यवस्था की और स्वयं देहदान लेने के लिए राहुल कोरान्ने के घर पहुंचे। राहुल ने अपनी मां की देह डीन डॉ. जीएस पटेल व एनाटॉमी के एचओडी डॉ. विमल मोदी को सौंपी। सभी ने मृतक के परिजनों और उनके परिवार की सरहाना की।
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आज के इस युग में भी मानव समाज के लिए मानव की मानवता इतनी अच्छी है कि वह आने वाली पीढ़ी के लिये एक मिसाल बन गई है। इंदौर के सुदामा नगर में रहने वालीं शिक्षिका अर्चना कोरान्ने ने अनेक विद्यार्थियों को वर्षों तक शिक्षित किया। उनकी सोच कुछ अलग ही थी। वे समाज को जागरूक करने पर विश्वास रखती थीं। अंतिम समय में उन्होंने अपनी देहदान करने का संकल्प लिया था। उनके पुत्रराहुल कोरान्ने को देह दान के लिय बताया था।
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गत दिनों अर्चना का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बेटे राहुल ने उनकी देहदान का संकल्प को पूरा करने की ठानी। उन्होंने महिर्षि देहदान दधिचि समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर व्यास जी से बात की। व्यास ने तुरंत इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के देहदान अधिकारी राज गोयल से संपर्क किया। राज गोयल ने एम्बुलेंस की व्यवस्था की और स्वयं देहदान लेने के लिए राहुल कोरान्ने के घर पहुंचे। राहुल ने अपनी मां की देह डीन डॉ. जीएस पटेल व एनाटॉमी के एचओडी डॉ. विमल मोदी को सौंपी। सभी ने मृतक के परिजनों और उनके परिवार की सरहाना की।
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