Indore:इंदौर एयरपोर्ट पर धीमी गति से चल रहे एयरपोर्ट के काम, सांसद हुए नाराज
एयरपोर्ट पार्किंग क्षेत्र पर सुबह और शाम के समय दबाव है। यात्रियों को टर्मिनल में प्रवेश और निकास के दौरान इससे परेशानी होती है। इसके समाधान के लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग के निर्माण को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।
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इंदौर एयरपोर्ट के विकास को लेकर सोमवार को इंदौर में महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमे निर्माण कार्यों की देरी को लेकर सांसद शंकर लालवानी नाराज हुए। उन्होंने कहा कि दो साल बाद सिंहस्थ मेला उज्जैन में लगेगा। उज्जैन के निकट का एयरपोर्ट इंदौर है, लेकिन काम इतनी धीमी गति से हो रहे है कि लगता नहीं कि दो साल में पूरे होंगे। पार्किंग के विस्तार, मल्टीलेवल पार्किंग और रनवे के विस्तार के काम अभी तक अधूरे है।
इंदौर एयरपोर्ट के विकास को लेकर सोमवार को इंदौर एयरपोर्ट परिसर में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य यात्रियों को हो रही असुविधाओं का समाधान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के विकास की रूपरेखा तय करना रहा। दिल्ली से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी शरद कुमार (ऑपरेशन एवं प्लानिंग) और अनुराग मिश्रा मौजूद थे।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता लगभग 40 लाख यात्रियों की है। प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत इसे पहले चरण में बढ़ाकर एक करोड़ यात्रियों तक और दूसरे चरण में ढाई करोड़ यात्रियों की सालाना क्षमता तक ले जाने की तैयारी है। इसके लिए लगभग 89 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में पार्किंग क्षेत्र पर अत्यधिक दबाव है, जिससे यात्रियों को टर्मिनल में प्रवेश और निकास के दौरान परेशानी होती है। इसके समाधान के लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग के निर्माण को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। इसके निर्माण से पार्किंग की समस्या में राहत मिलने और पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
सुरक्षा जांच व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। पीक आवर्स में यात्रियों की लंबी कतारों को कम करने के लिए सांसद शंकर लालवानी ने सुझाव दिया कि इंदौर एयरपोर्ट पर जांच के लिए चार गेट ऊपर और चार गेट नीचे है,लेकिन पूरा यात्री दबाव ऊपर के गेट पर ही रहता है। बैठक में रनवे को वर्तमान 2754 मीटर से बढ़ाकर 3500 मीटर करने, रडार सिस्टम की स्थापना, मेट्रो कनेक्टिविटी, ट्रैफिक मूवमेंट के लिए अलग एंट्री-एग्जिट सिस्टम, एयरपोर्ट के आसपास आवारा कुत्तों की समस्या और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े विषय भी प्रमुख एजेंडा में शामिल रहे।
