Indore: इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश को शुभ मुहूर्त में बंधी 196 वर्गफीट की राखी
लगातार 9 वर्षों से इस राखी को खजराना गणेश को बांधा जा रहा है। सबसे पहले 36 वर्गफीट की राखी बांधी गई थी। धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ता गया। इस बार 196 वर्गफीट की राखी बांधी गई है। इस राखी के लिए 100 किलो फूलों का इस्तेमाल हुआ।
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इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में 196 वर्गफीट की सबसे बड़ी राखी बंधी। इस राखी को कोलकता के कारिगरों ने तैयार किया है। भक्त जनमाष्टमी तक इस राखी को देख सकेंगे। शुभ मुर्हत में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस राखी को खजराना गणेश को बांधा गया। इस राखी को अलग-अलग शहरों से मंगाए फूलों से कलाकारों ने रात भर जागकर तैयार किया। इसके अलावा पालरेचा परिवार ने भी रुद्राक्ष, सुपारी,लौंग,इलाइची,चांदी सोना वर्क सहित स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल कर एक राखी बनाई। उसे भी खजराना गणेश को अर्पित किया गया।
इस राखी का निर्माण गणेश भक्त समिति ने बनाया। संस्थापक राजेश बिड़कर ने बताया कि लगातार 9 वर्षों से इस राखी को खजराना गणेश को बांधा जा रहा है। सबसे पहले 36 वर्गफीट की राखी बांधी गई थी। धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ता गया। इस बार 196 वर्गफीट की राखी बांधी गई है। इस राखी के लिए 100 किलो फूलों का इस्तेमाल हुआ। लोहे के स्ट्रक्चर पर राखी का निर्माण किया गया और फिर उसमें फूल लगाए गए है। राखी के लिए दिल्ली, बेंगलुरु से फूल मंगाए गए है। इस राखी को कोलकता के दस कारिगरों ने रातभर जाग कर बनाया है।
शुभ मुहूर्त में बांधी राखी
ज्योतिष्यों के अनुसार रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त सुबह से लेकर रात तक है। ज्यादातर परिवारों ने सुबह घरों में अपने ईष्ट देव, चौखट, वाहन आदि पर राखी बांधी। इसके बाद बहनें अपने परिवार के साथ भाई के यहां आईं और रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। घर आई बहनों के लिए घरों में तरह-तरह के व्यंजन भी बनाए गए। कई संस्था व संगठनों ने वृद्धाआश्रम, अनाथालायों में भी राखी मनाई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने परदेशीपुरा में दिव्यांग बच्चों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया और उन्हें मिठाईयां दी।
जेल में भी पहुंची बहनें
इंदौर के जिला व सेंट्रल जेल में भी राखी का पर्व मनाने के लिए बहनें गई। सुरक्षा जांच के बाद उन्हें पूजा की थाली, राखी व मिठाई ले जाने दी गई। भीतर सुरक्षा के बीच उन्होंने जेल में बंद भाईयों को राखी बांधी। शाम चार बजे तक दोनो जेल में बहनों की भीड़ रही।
