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Indore: इंदौर में आईडीए के 11 मकानों पर बरसों से कर रखा था अवैध कब्जा, खाली कर अफसरों ने लगाए ताले

Fri, 24 Jul 2026 08:23 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Fri, 24 Jul 2026 08:23 PM IST
सार

स्कीम-114 स्थित राजीव आवास विहार में दो दशक से भी अधिक समय से सरकारी रो-हाउसेस पर कब्जा जमाए बैठे 11 परिवारों को आखिरकार बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इंदौर विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई कर एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति कब्जे से मुक्त कराई।

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Indore: 11 IDA houses in Indore had been under illegal occupation for years; officials vacated the premises an
रो-हाउसेस कराए कब्जा से मुक्त - फोटो : amarujala

विस्तार

इंदौर के स्कीम-114 में राजीव आवास विहार के खाली रो-हाउसेस में 20 साल से भी ज्यादा समय तक 11 परिवार अवैध तौर पर रह रहे थे। न तो उन्होंने उस संपत्ति को खरीदने के लिए पैसा भरा था और न ही आईडीए ने उन्हें रो-हाउस आवंटित किए थे। कुछ लोग तो उन्हें किराए पर देकर पैसा भी वसूल रहे थे। शुक्रवार को अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ इंदौर विकास प्राधिकरण ने सख्ती दिखाई और उनसे रो-हाउस खाली करा लिए। मुक्त कराई गई संपत्ति की कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा है। अब प्राधिकरण उन्हें बेचने की तैयारी कर रहा है।

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स्कीम-114 में प्राधिकरण ने एक हजार से ज्यादा रो-हाउसेस बनाए थे। जो रो-हाउस नहीं बिक पाए थे, उनके ताले तोड़कर लोग रहने लगे थे। तत्कालीन अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन पिछले महीने प्राधिकरण ने अपनी जमीनों व संपत्तियों को कब्जे से मुक्त कराने का अभियान चलाया।

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तब आईडीए के सीईओ को पता चला कि रो-हाउसेस पर भी कब्जे हैं। इसके बाद कब्जा करने वालों को नोटिस देकर हटने को कहा, लेकिन वे नहीं हटे। शुक्रवार को अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मकानों को खाली कराया। अधिकारियों ने अब ताले लगा दिए हैं। इन रो-हाउसेस की मरम्मत कर अब उन्हें नई गाइडलाइन के हिसाब से बेचा जाएगा।
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डेढ़ लाख में बिके थे 90 के दशक में

इंदौर विकास प्राधिकरण ने कांग्रेस सरकार के समय स्कीम-114 में एक हजार रो-हाउसेस बनाए थे। तब इनकी कीमत डेढ़ लाख रुपये तय की गई थी। 90 के दशक में बने इन रो-हाउसेस को तब लोग खरीदने के लिए तैयार नहीं रहते थे, क्योंकि वे उन्हें शहर से दूर मानते थे। अब शहर राजीव आवास विहार से भी आगे तक फैल गया है।

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