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Indore: आईआईएम इंदौर देश को देगा स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण, दिल्ली में एमओयू किया साइन

Thu, 29 Sep 2022 04:28 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 29 Sep 2022 04:28 PM IST
सार

स्वच्छ भारत सर्वेक्षण के तहत इंदौर पिछले पांच वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीत रहा है। शहर ने स्वच्छता और साफ़-सफाई में महारत हासिल की है और प्रशासन द्वारा लागू की गई योजना और निष्पादन रणनीति की दुनिया भर में सराहना की जा रही है। 

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IIM Indore will give training on cleanliness and waste management to the country
स्वच्छता और साफ़-सफाई को प्रोत्साहित करने के लिए IIM इंदौर काम करेगा। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आईआईएम इंदौर अपने कुशल प्रबंधन, प्रशिक्षण और विश्व स्तरीय शिक्षा के लिए प्रसिद्ध है। स्वच्छता और साफ़-सफाई को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थान ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, भारत सरकार के साथ हाथ मिलाया है। सहयोग का उद्देश्य आईआईएम इंदौर में एक उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस) स्थापित करना है जो देश के पूरे शहरी क्षेत्र में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम श्रेणी का नेतृत्व और प्रशिक्षण प्रदान करेगा। 
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आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय और आवास और शहरी मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी रूपा मिश्रा ने समझौते ज्ञापन पर दिल्ली में हस्ताक्षर किए हैं। मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली में स्वच्छ शहर संवाद और टेक प्रदर्शनी के दौरान सीओई का अनावरण किया। मंत्रालय सचिव मनोज जोशी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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हरदीप सिंह पुरी ने 'जन आंदोलन' और सीओई (सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस) के महत्व पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि जब युवा स्टार्टअप के निर्माण के बारे में विचार करना प्रारंभ करते हैं और एक आर्थिक गतिविधि करते हैं जिसके परिणामस्वरूप धन सृजन होता है। आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि यह एक 'जन आंदोलन' का प्रतीक है। 
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उन्होंने कहा, 'पहले भी कुछ सीओई की स्थापना हुई है, किन्तु जब सीओई 'स्वच्छता’ पर केन्द्रित हो जाएं और उच्चतम शैक्षणिक व्यवस्था प्रदान करने लगें, तो निश्चिंत हो जाना चाहिए कि हम सही और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर हैं। आईआईएम इंदौर में सीओई की स्थापना के लिए पहल करने पर प्रो. हिमांशु राय को बधाई देते हुए पुरी ने कहा, 'मुझे यकीन है कि आपका यह उपक्रम इस नेक प्रक्रिया का पालन करने और इसमें शामिल होने के लिए समान स्तर के अन्य संगठनों और संस्थाओं के लिए एक प्रेरणा और प्रोत्साहन के रूप में काम करेगा।'

प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि आईआईएम इंदौर को मंत्रालय से 19.95 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। स्वच्छ भारत सर्वेक्षण के तहत इंदौर पिछले पांच वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीत रहा है। शहर ने स्वच्छता और साफ़-सफाई में महारत हासिल की है और प्रशासन द्वारा लागू की गई योजना और निष्पादन रणनीति की दुनिया भर में सराहना की जा रही है। आईआईएम इंदौर का लक्ष्य एक प्रासंगिक संस्थान बनना है, जो राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह समझौता ज्ञापन सीओई स्थापित करने पर केंद्रित है जो महापौरों और वार्ड पार्षदों सहित राजनीतिक नेतृत्व के लिए प्रशिक्षण और विकास पाठ्यक्रमों को डिजाइन और कार्यान्वित करेगा। इससे उनकी क्षमता और कौशल  को विकसित और सुदृढ़ किया जा सकेगा। 

उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण शहरी स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए पहल करने की उनकी क्षमता को मजबूत करेगा। प्रशिक्षण के अलावा, सीओई सार्वजनिक नीति, शहरी शासन, और प्रशासकों, प्रबंधकीय और कार्यकारियों, और निगमों और स्थानीय निकायों के फ्रंट-लाइन कर्मचारियों के लिए परिवर्तन प्रबंधन से संबंधित पूर्णकालिक और अंशकालिक कार्यक्रम भी पेश करेगा। 'हमारा सीओई नगर निगमों और स्थानीय निकायों, व्यवसायों और सेवा संगठनों के बीच एक मध्यस्थ का काम करेगा। हम आईआईटी इंदौर के साथ साझेदारी में एक इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही हम नगरपालिका और नागरिक सेवाओं के वितरण के लिए शहरी स्थानीय निकायों को कॉर्पोरेट भागीदारों से राशि के उचित उपयोग पर सलाहकार सेवाएं भी प्रदान करेंगे।

रूपा मिश्रा ने आईआईएम इंदौर के साथ सहयोग पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा - 'आईआईएम इंदौर भारत में शीर्ष बिज़नेस और प्रबंधन संस्थानों में से एक है और तीन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करने वाला देश का दूसरा आईआईएम है। संस्थान ने सरकार और प्रशासनिक निकायों के साथ विभिन्न सहयोगों के माध्यम से शहर और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आईआईएम इंदौर के सीओई की स्थापना एक पहल है जो देश में योगदान करने के लिए संस्थान के समर्पण और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि आईआईएम इंदौर अपने अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और विश्व स्तरीय प्रशिक्षण के लिए जाना जाता है। अतः सीओई की स्थापना संसथान के परिसर में ही होगी और यह स्मार्ट-क्लासरूम युक्त होगा। 


उन्होंने कहा, 'सीओई स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में अनुसंधान भी करेगा और शहरी परिवर्तन में सर्वोत्तम प्रथाओं का कोष तैयार करेगा'। सीओई आईआईएम इंदौर के निदेशक के प्रत्यक्ष प्रशासनिक और शैक्षणिक प्रशासन के अधीन होगा। यह संस्थान द्वारा निर्धारित शैक्षणिक नियमों और विनियमों के अंतर्गत कार्य करेगा। मंत्रालय तीन साल की अवधि के लिए सीओई की सहायता करेगा। आईआईएम इंदौर को 2021 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद से वन डिस्ट्रिक्ट वन ग्रीन चैंपियन अवार्ड और 2021 में सीएसआर और सस्टेनेबिलिटी कैटेगरी के तहत एएमबीए-बीजीए अवार्ड्स में सिल्वर मिला। संस्थान ने कानपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी योगदान दिया है और अयोध्या में इंदौर की स्वच्छ योजना को दोहराने के लिए पहल की है। 
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