फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Organ Donation: मां तुझे सलाम! अयोध्या जाते समय 21 साल के बेटे की हुई मौत, उसका दुख भूल, बचाई कई जिंदगियां

Fri, 01 Mar 2024 02:08 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Fri, 01 Mar 2024 02:08 PM IST
सार

Organ Donation: अयोध्या राम मंदिर दर्शन के लिए पैदल यात्रा कर रहे देवांग की सड़क हादसे में मौत हो गई। बेटे के दुनिया से जाने के बाद उसकी मां ने अंगदान करने का फैसला किया, अब देवांग के अंग दूसरों को नई जिंदगी देंगे।  

विज्ञापन
dewang joshi ayodhya ram mandir road accident and organ donation rashmi joshi
मां रश्मि जोशी और बहन जाह्रनवी के साथ देवांग। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
Organ Donation: 21 साल की उम्र में बेटा दुनिया छोड़कर चला जाए और मां उसके अंगदान करके किसी को नया जीवन देने का प्रयास करे। सुनकर यकीन नहीं होता, लेकिन यह हौसला दिखाया है रश्मि जोशी ने। इस मां पर जब दुःख का पहाड़ टूटा तो उसने अपने दुःखों को भूलकर वह किसी को नया जीवन देने के बारे में सोचा। उन्होंने निर्णय लिया कि वे खुद को संभालेंगी परिवार को भी संबल देंगी और अपने बेटे के अंगदान Organ Donation से किसी को नया जीवन देंगी।


अयोध्या जाते समय हुआ हादसा
21 वर्षीय देवांग जोशी देवास से अयोध्या राम मंदिर Ayodhya Ram Mandir के लिए निकला था। अपने साथियों के साथ पदयात्रा कर रहा देवांग सांची के पास रोड एक्सीडेंट का शिकार हो गया। उपचार के लिए उसे पहले बंसल हॉस्पिटल भोपाल ले जाया गया बाद में उसे बॉम्बे हॉस्पिटल इंदौर लाया गया। यहां पर उसने अंतिम सांस ली। बेटे के जाते ही परिवार बदहवास हो गया लेकिन मां रश्मि जोशी ने हिम्मत रखी। उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में भी बेटे के अंगदान का फैसला लिया और किसी को नया जीवन देने के बारे में सोचा। देवांग के पिता चंद्रमणि जोशी और छोटी बहन जाह्रनवी ने भी इस पुण्यकार्य के लिए सहमति दी। रश्मि देवास में पटवारी हैं। उनके इस हौसले को आज पूरा शहर सलाम कर रहा है। 
dewang joshi ayodhya ram mandir road accident and organ donation rashmi joshi
ग्रीन कारिडोर के लिए अंगों को ले जाते डाक्टर्स। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
12.30 पर बना ग्रीन कारिडोर
चिकित्सक डॉ अमित जोशी एवं मुस्कान ग्रुप के सेवादार जीतू बगानी और संदीपन आर्य ने देवांग के ब्रेन डेथ के बाद परिवार से अंगदान की विनती की थी। परिजनों ने स्वीकृति दी और अब अंगदान की दिशा में तैयारियां प्रारंभ की गई हैं। आज दोपहर 12:30 बजे बॉम्बे हॉस्पिटल से चोइथराम हॉस्पिटल के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। 

देवांग को जन्म से ही एक किडनी
देवांग जोशी को जन्म से ही शरीर में एक किडनी है जो बॉम्बे हॉस्पिटल में पंजीकृत 42 वर्षीय महिला रोगी को प्रत्यारोपित की जा रही है एवं लिवर चोइथराम हॉस्पिटल के पंजीकृत रोगी को प्रत्यारोपित किया जाएगा। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी और संभागआयुक्त मालसिंह इसकी सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सोसाइटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के सचिव डॉ संजय दीक्षित एवं नोडल ऑफिसर डॉ मनीष पुरोहित के समन्वय में यह काम किया जा रहा है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed